धमतरी के गंगरेल जल सत्याग्रह की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
3 मिनट में पढ़ें

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गंगरेल बांध के निर्माण से विस्थापित 52 गांवों के प्रभावित परिवारों ने भूमि आवंटन की मांग पर जल सत्याग्रह किया। हाई कोर्ट के आदेश के छह साल बाद भी समाधान न मिलने से आंदोलन 12 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ और 14 अक्टूबर को लिखित सहमति के बाद स्थगित किया गया।
जल सत्याग्रह की शुरुआत और कारण
गंगरेल बांध के निर्माण के कारण कई परिवारों को जमीन और मकान खोना पड़ा। प्रभावितों ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के 16 दिसंबर 2020 के आदेश का हवाला देते हुए, भूमि आवंटन की प्रभावी कार्रवाई की मांग की। कोर्ट ने कहा था कि पात्र परिवारों की जांच कर नियमानुसार भूमि आवंटन किया जाना चाहिए, परन्तु अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
आंदोलन की प्रमुख घटनाएँ
- 12 अक्टूबर 2026 – जल सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन धरना शुरू।
- तीसरे दिन – नौ लोगों की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- 14 अक्टूबर 2026 – जिला प्रशासन, राजस्व, पुलिस और सिंचाई विभाग के साथ लिखित सहमति पर बैठक हुई।
- बैठक के बाद – आंदोलन को स्थगित किया गया, पर मूल मांग अभी बाकी।
लिखित सहमति के प्रमुख बिंदु
14 अक्टूबर को शाम 6:15 बजे गंगरेल स्थित निरीक्षण गृह में हुई बैठक में दो मुख्य बिंदुओं पर सहमति बनी:
- राजस्व और वन मंत्री से 15‑20 दिनों के भीतर चर्चा – प्रभावित परिवारों के हित में नियमानुसार कार्रवाई की दिशा में।
- मंत्रियों की चर्चा के बाद मुख्यमंत्री की अनुमति से दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आगे की बातचीत।
हालांकि भूमि आवंटन की कोई निश्चित तारीख तय नहीं हुई, लेकिन यह कदम लंबित मामले को उच्च स्तर तक ले जाने का संकेत है।
आपके लिए संबंधित खबरें
हाई कोर्ट के आदेश और वर्तमान स्थिति
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 16 दिसंबर 2020 को आदेश दिया था कि सभी पात्र प्रभावित परिवारों की जांच कर उन्हें नियमानुसार भूमि आवंटित की जाए। समिति का कहना है कि इस आदेश को लागू करने में प्रशासनिक अड़चनें आईं, जिससे परिवारों को अभी तक कोई जमीन नहीं मिली। लिखित सहमति के बाद आंदोलन स्थगित हो गया, पर मूल मांग – भूमि आवंटन – अभी भी अनसुलझी है।
आगे की संभावनाएँ
प्रशासन ने 15‑20 दिनों के भीतर राजस्व एवं वन मंत्री से चर्चा करने का वादा किया है। इस चर्चा के परिणामस्वरूप यदि स्पष्ट समय‑सीमा तय होती है, तो प्रभावित परिवारों को भूमि आवंटन की दिशा में प्रगति की उम्मीद होगी। अन्यथा, आंदोलन फिर से उठ सकता है।
मुख्य बातें
- गंगरेल बांध के कारण 52 गांवों के कई परिवार विस्थापित।
- हाई कोर्ट ने 16 दिसंबर 2020 को भूमि आवंटन का आदेश दिया।
- 12 अक्टूबर 2026 को जल सत्याग्रह शुरू, 14 अक्टूबर को लिखित सहमति के बाद आंदोलन स्थगित।
- बैठक में राजस्व व वन मंत्री से 15‑20 दिनों में चर्चा का वादा।
- मुख्यमंत्री की अनुमति से आगे की बातचीत की योजना, पर कोई निश्चित तारीख नहीं।
अब प्रभावित परिवारों की नजर प्रशासन की प्रतिबद्धताओं के पालन पर है, जिससे यह देखना बाकी है कि भूमि आवंटन का मुद्दा कब तक सुलझेगा।




टिप्पणियाँ
0