देवदत्त पडिक्कल ने शतक लगाकर इंडिया ए को बचाया, 215 रन की साझेदारी में साई सुदर्शन के साथ चमके
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न्यूजीलैंड ए और इंडिया ए के बीच चल रहे अनऑफिशियल टेस्ट के तीसरे दिन, भारत की युवा टीम ने एक महत्वपूर्ण मोड़ देखा जब देवदत्त पडिक्कल ने अपना 12वां फर्स्ट क्लास शतक बनाया। यह शतक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि थी, बल्कि इंडिया ए को मंडराते हार के खतरे से बचाने में भी अहम रहा।
शतक की कहानी
पडिक्कल ने अपनी इनिंग की 128वीं गेंद पर छक्का मारते हुए शतक पूरा किया। इस छक्के की दूरी इतनी थी कि गेंद मैदान के बाहर लगे पेड़ों तक पहुंच गई और उन पर गिर गई। इस शानदार शॉट ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और बल्लेबाज के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। इस शतक के साथ वह न्यूजीलैंड ए बनाम इंडिया ए मैच में शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी बन गए।
215 रन की साझेदारी
शतक के साथ-साथ, पडिक्कल ने साई सुदर्शन के साथ तीसरे विकेट के लिए 215 रन की दोहरे शतक वाली साझेदारी की। इस साझेदारी ने इंडिया ए को बढ़त दिलाई और मैच की दिशा को बदल दिया। दोनों खिलाड़ियों की स्थिरता और आक्रमण ने विपक्षी गेंदबाजों को कई बार निराश किया।
मैच का प्रभाव
चार दिनों तक चलने वाले इस अनऑफिशियल टेस्ट में, पडिक्कल की शतक और सुदर्शन के साथ साझेदारी ने इंडिया ए को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई। यह प्रदर्शन युवा भारतीय क्रिकेटरों की क्षमता को उजागर करता है और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके योगदान की उम्मीद बढ़ाता है।
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मुख्य बातें
- देवदत्त पडिक्कल ने 128वीं गेंद पर छक्का मारते हुए अपना 12वां फर्स्ट क्लास शतक बनाया।
- शतक के साथ ही वह न्यूजीलैंड ए बनाम इंडिया ए मैच में शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए।
- पडिक्कल और साई सुदर्शन ने तीसरे विकेट के लिए 215 रन की साझेदारी की।
- शतक के बाद गेंद पेड़ों तक पहुंची, जो इस शॉट की विस्मयकारी दूरी को दर्शाता है।
- यह शतक इंडिया ए को मंडराते हार के खतरे से बचाने में निर्णायक रहा।




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