देवास में अवैध शराब के ट्रक ने पुलिस अधिकारी को कुचल दिया, कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला
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मध्य प्रदेश के देवास जिले में 1‑2 नवंबर 2026 की रात को एक शॉकिंग घटना घटी। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी, जो अवैध शराब के तस्करी को रोकने के लिए भेजे गए थे, को एक आयशर (अवैध शराब) से भरे ट्रक ने कुचल कर मार डाला। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया, क्योंकि कांग्रेस ने तत्काल ही मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार पर हमला बोला।
घटना की पृष्ठभूमि
देवास के एसपी आदित्य मिश्रा ने शराब तस्करी की सूचना पर पाँच से अधिक पुलिस टीमों को तैनात किया था। रात करीब 1 बजे, खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को इंदौर‑बैतूल हाईवे पर एक ट्रक में अवैध शराब ले जाई जा रही है, इस बारे में सूचना मिली। बिना देर किए वह सिविल ड्रेस में पुलिस स्टाफ के साथ ट्रक को रोकने के लिए रवाना हुए।
संदलपुर के पास हाईवे पर ट्रक को रोकने के प्रयास के दौरान ट्रक का अगला हिस्सा थाना प्रभारी से टकराया, जिससे वह गिर पड़े। फिर ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ दो घंटे तक CPR और उपचार के बाद भी उनका निधन हो गया।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना को “एक पुलिस अधिकारी की हत्या” कहा और इसे शराब माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि “अवैध शराब का कारोबार सत्ता के संरक्षण में फल‑फूल रहा है” और मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा गृह मंत्री से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
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पटवारी ने वीडियो में दिखाए गए शव को पुलिस अधिकारी बताकर यह भी कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि कानून‑व्यवस्था की नाकामी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन यादव को टैग कर जवाब मांगा।
पार्टी के अन्य नेताओं की टिप्पणी
पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने भी इस घटना पर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में माफियाओं का राज चल रहा है, यहाँ लोकतांत्रिक सरकार नहीं, बल्कि माफिया सरकार है।” उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब कानून के रक्षक स्वयं सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा।
मुख्य बातें
- खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को 1‑2 नवंबर 2026 की रात अवैध शराब के ट्रक ने कुचल कर मार डाला।
- पुलिस ने ट्रक को रोकने के लिए हाईवे पर ऑपरेशन किया, लेकिन अधिकारी सिविल ड्रेस में थे।
- घटना के बाद तुरंत अस्पताल में दो घंटे तक CPR किया गया, परंतु अधिकारी की मृत्यु हो गई।
- कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे शराब माफियाओं के संरक्षण में फल‑फूलते दिखाया और सरकार से निष्पक्ष जांच व कठोर कार्रवाई की मांग की।
- पूर्व कांग्रेस नेता अरुण यादव ने सरकार को “माफियाओं की सरकार” कह कर तीखा हमला बोला।
आगे की संभावनाएँ
घटना के बाद प्रदेश के गृह विभाग ने मामले की जांच का आदेश दिया है। पुलिस ने बताया कि ट्रक का मालिक और चालक अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि जांच में राजनीतिक दबाव न हो और जिम्मेदारों को सख्त सजा मिले।
यह घटना मध्य प्रदेश में शराब तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियानों में एक बड़ा झटका है और यह सवाल उठाती है कि क्या मौजूदा कानून‑व्यवस्था में शराब माफिया को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।




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