Skip to content
Friday, 09 October 2026|India
09 Octआज की खबरें
LIVE TV
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
​खुर्जा: नवरात्रि में मांस और अंडे की दुकानें बंद कराने को लेकर एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन•सरकार ने स्टारलिंक के स्पेक्ट्रम आवंटन पर सुरक्षा शर्तें रखी, सिंधिया ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा•जेवर एयरपोर्ट को ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ नाम देने की मंजूरी योगी कैबिनेट ने दी•हिमाचल के रामपुर में HRTC बस का खाई में गिरना, एक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल•9-10 अक्टूबर को बंद रहेंगी शराब की दुकानें, CJP के ‘दिल्ली चलो’ मार्च से पहले बड़ा फैसला•आईआईटी मुंबई के हॉस्टल में गैस रिसाव से लगी आग, दो बच्चों सहित पाँच घायल•नाना पाटेकर के निधन पर शोक: राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार का विवरण•राहुल‑प्रियंका गांधी ने सरकार और ईसीआई पर लगाए गंभीर आरोप, गांधी स्मारक में विरोध प्रदर्शन​खुर्जा: नवरात्रि में मांस और अंडे की दुकानें बंद कराने को लेकर एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन•सरकार ने स्टारलिंक के स्पेक्ट्रम आवंटन पर सुरक्षा शर्तें रखी, सिंधिया ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा•जेवर एयरपोर्ट को ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ नाम देने की मंजूरी योगी कैबिनेट ने दी•हिमाचल के रामपुर में HRTC बस का खाई में गिरना, एक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल•9-10 अक्टूबर को बंद रहेंगी शराब की दुकानें, CJP के ‘दिल्ली चलो’ मार्च से पहले बड़ा फैसला•आईआईटी मुंबई के हॉस्टल में गैस रिसाव से लगी आग, दो बच्चों सहित पाँच घायल•नाना पाटेकर के निधन पर शोक: राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार का विवरण•राहुल‑प्रियंका गांधी ने सरकार और ईसीआई पर लगाए गंभीर आरोप, गांधी स्मारक में विरोध प्रदर्शन
विज्ञापन
Home » दिल्ली में त्योहारी‑शादी सीजन में प्रदर्शनों से रोज़ाना ₹250 करोड़ के व्यापार पर पड़ सकता है असर
दिल्ली

दिल्ली में त्योहारी‑शादी सीजन में प्रदर्शनों से रोज़ाना ₹250 करोड़ के व्यापार पर पड़ सकता है असर

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 09 Oct 2026• अपडेट 09 Oct 2026• 1 views
दिल्ली में त्योहारी‑शादी सीजन में प्रदर्शनों से रोज़ाना ₹250 करोड़ के व्यापार पर पड़ सकता है असर
दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने कहा है कि अक्टूबर‑जनवरी के त्योहारी‑शादी सीजन में राजनीतिक प्रदर्शनों, सड़क जाम और यातायात प्रतिबंधों से प्रमुख बाजारों में रोज़ाना लगभग ₹250 करोड़ का नुकसान हो सकता…

दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने आगामी त्योहारी और शादी‑ब्याह के सीजन में राजनीतिक प्रदर्शनों, सड़क जाम और यातायात प्रतिबंधों के कारण व्यापार पर गंभीर असर पड़ने की चेतावनी दी है। अक्टूबर 2026 से जनवरी 2027 तक का यह अवधि दिल्ली के लिए आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इस दौरान नवरात्रि, दशहरा, दीपावली, छठ पूजा, क्रिसमस, नववर्ष और कई शादी‑ब्याह के आयोजन होते हैं।

मुख्य बातें

  • व्यापारिक संगठनों के अनुमान के अनुसार प्रमुख बाजारों में रोज़ाना लगभग ₹250 करोड़ के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
  • दिल्ली में कुल दैनिक व्यापार ₹500‑₹600 करोड़ के बीच रहता है।
  • नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने 10 अक्टूबर 2026 को कनॉट प्लेस के दुकानों, रेस्टोरेंट और कार्यालयों को एहतियातन बंद रखने की सलाह दी।
  • दिल्ली में 10 लाख से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं, जिनसे एक करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका जुड़ी है।
  • व्यापारिक संगठनों ने सरकार से प्रदर्शन‑स्थलों को निर्धारित करने और समय‑सीमा सीमित करने की मांग की है।

प्रदर्शन‑संबंधी चिंताएँ

NDTA के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने 9 अक्टूबर को जारी सर्कुलर में कहा कि कनॉट प्लेस के आसपास की स्थिति को देखते हुए दुकानदारों, रेस्टोरेंट संचालकों और कार्यालयों को 10 अक्टूबर को बंद रखने की सलाह दी गई है। यह कदम संभावित संपत्ति नुकसान, चोट‑लगने की आशंका और व्यापार में व्यवधान से बचाव के लिए उठाया गया है।

कैट की अपील

कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे अपने विरोध प्रदर्शनों की योजना इस तरह बनाएं कि बाजारों में व्यापार और आम लोगों की आवाज़ाही बाधित न हो। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन में ग्राहक प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जिससे व्यापारियों की आय पर सीधा असर पड़ता है।

प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव

व्यापारियों के अनुसार, चांदनी चौक, सदर बाजार, कनॉट प्लेस और पुरानी व नई दिल्ली के अन्य प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में ग्राहक आवाज़ाही में बाधा आने से न केवल दुकानदारों, बल्कि कर्मचारियों, छोटे कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों, सप्लायरों और सेवा प्रदाताओं को भी नुकसान उठाना पड़ेगा।

आपके लिए संबंधित खबरें

व्यापारिक संगठनों की मांगें

व्यापारिक संगठनों ने सरकार से निम्नलिखित कदमों की मांग की है:

  • प्रदर्शन‑और धरने के लिए ऐसे स्थलों का निर्धारण जहाँ से व्यापार, परिवहन और आम जनजीवन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
  • प्रदर्शनों की समय‑सीमा को सीमित करके केवल निर्धारित घंटों में आयोजित करने की अनुमति।
  • राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करते हुए व्यापारिक गतिविधियों को बाधित न करने की अपील।

इन मांगों का समर्थन नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन, खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन, दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट्स एसोसिएशन, दिल्ली ड्रग डीलर्स एसोसिएशन, क्लॉथ मार्केट फतेहपुरी, दिल्ली इलेक्ट्रिकल मर्चेंट्स एसोसिएशन और कई अन्य व्यापारिक संगठनों ने किया है।

आर्थिक प्रभाव का व्यापक दायरा

दिल्ली में 10 लाख से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं, जिनसे एक करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका जुड़ी है। देश के विभिन्न राज्यों से रोज़ाना लगभग 5 लाख व्यापारी व्यापारिक सिलसिले में दिल्ली आते हैं। इसलिए, यदि प्रमुख सड़कों और बाजारों में यातायात बाधित होता है, तो न केवल दिल्ली की आपूर्ति श्रृंखला बल्कि अन्य राज्यों की वस्तु आपूर्ति पर भी असर पड़ेगा।

निष्कर्ष

व्यापारिक संगठनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रदर्शन लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं, परन्तु उन्हें इस तरह आयोजित किया जाना चाहिए कि लाखों लोगों की आजीविका और रोज़ाना के करोड़ों रुपये के व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। सभी राजनीतिक दलों से यह अपील है कि वे त्योहारी‑शादी सीजन में व्यापारिक गतिविधियों और आम जनता की सुविधा को प्राथमिकता दें।

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

⌂होम🔥ब्रेकिंग▣लेटेस्ट▶वीडियो⌕खोजें