दिल्ली शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने किताब घोटाले के आरोपों पर AAP को तीखा जवाब, पिछली सरकार के घोटालों की जांच का ऐलान
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दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को AAP द्वारा लगाए गए किताब खरीद घोटाले के आरोपों को तीखे शब्दों में खारिज किया। उन्होंने कीमत, साइज और टेंडर के वास्तविक आंकड़े पेश कर पिछले AAP सरकार के कथित घोटालों की जांच का भी ऐलान किया।
किताबों की कीमत, साइज और टेंडर के आंकड़े
आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार ने कक्षा 8 की हिंदी पाठ्यपुस्तक “मल्हार” को 28.61 रुपये में खरीदी, जबकि पिछले AAP शासनकाल में समान साइज की गृह विज्ञान किताब की छपाई 55 रुपये में करवाई गई थी, जो वर्तमान कीमत से लगभग दोगुनी है। टेंडर में किताब का मानक साइज 17.1 सेमी × 24.1 सेमी तय किया गया था, जो नियत मानकों के अनुरूप है।
विभिन्न कक्षाओं में कीमत में कमी
- कक्षा 8: पिछले शासन में अधिकतम कीमत 110 रुपये, वर्तमान में 50.38 रुपये (≈ 54 % कमी)।
- कक्षा 7: पिछले शासन में अधिकतम कीमत 103 रुपये, वर्तमान में 75.88 रुपये।
- कक्षा 6: पिछले शासन में अधिकतम कीमत 133 रुपये, वर्तमान में 57.76 रुपये।
आशीष सूद ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सभी पाठ्यपुस्तकों की अधिकतम कीमत 51 रुपये तक सीमित रखी है, जबकि पिछले AAP शासन में कुछ किताबें 110‑133 रुपये तक पहुँचती थीं।
पिछली सरकार के कथित घोटालों की जांच
सूद ने कहा कि AAP के नेताओं ने अपने पूर्व कार्यकाल में हुए कई बड़े घोटालों को छुपाने की कोशिश की है। उन्होंने निम्नलिखित मामलों को तथ्यों और दस्तावेज़ों के साथ उजागर करने का वादा किया:
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- 5,400 करोड़ रुपये का क्लासरूम घोटाला।
- 500 करोड़ रुपये से अधिक का CCTV घोटाला।
- 500 करोड़ रुपये से अधिक का EWS दाखिला घोटाला।
- 1,000 करोड़ रुपये की कोविड धोखाधड़ी।
- कैश‑फॉर‑क्वेरी मामला, जिसमें विधानसभा में विशेष सवाल पूछने के बदले पैसे लेने के आरोप शामिल हैं।
इन मामलों की जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
मुख्य बातें
- आशीष सूद ने AAP के किताब घोटाले के आरोपों को कीमत, साइज और टेंडर के दस्तावेज़ों से खारिज किया।
- वर्तमान सरकार ने पाठ्यपुस्तकों की अधिकतम कीमत 51 रुपये तक सीमित रखी, जबकि पिछले AAP शासन में कीमतें 110‑133 रुपये तक थीं।
- सूद ने पिछले AAP सरकार के 5 बड़े वित्तीय घोटालों की जांच का ऐलान किया।
- जांच के बाद गलत जानकारी फैलाने वाले और गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सूद ने 1971 की फिल्म “नया जमाना” का गाना “चोरों को सारे नजर आते हैं” सुनाकर AAP के आरोपों का जवाब दिया।
आगे की कार्रवाई
शिक्षा मंत्री ने बताया कि 17 अगस्त 2023 और 6 सितंबर 2023 को तत्कालीन शिक्षा सचिव द्वारा लिखे गए आधिकारिक पत्रों में पिछले शासन के दौरान सप्लाई की गई पुस्तकों की छपाई और क्वालिटी में कमियों का उल्लेख था। इन दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करके पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
डेल्ही सरकार ने इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और परिणाम आने पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




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