दिल्ली की हवा में एक्यूआई 400 के पार, ग्रैप‑2 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू
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दीपावली से पहले दिल्ली की हवा फिर से ज़हरीली हो गई है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के आँकड़े को पार कर चुका है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गया है। इस स्थिति के जवाब में दिल्ली‑एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण, अर्थात् GRAP‑2, लागू किया गया है।
वर्तमान वायु गुणवत्ता स्थिति
दिल्ली के प्रमुख मॉनिटरिंग स्टेशन पर दर्ज किए गए AQI आंकड़े इस प्रकार हैं:
- आईटीओ (इंडियन ट्रेडिशनल ऑक्सीजन) स्टेशन: 349
- इंडिया गेट स्टेशन: 335
पिछले तीन दिनों में इन मानों में लगभग 150 अंक की वृद्धि देखी गई, जो दर्शाता है कि प्रदूषण स्तर तेज़ी से बढ़ रहा है।
GRAP‑2 के तहत लागू प्रतिबंध
GRAP‑2, जो ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का दूसरा चरण है, दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित कड़े कदम उठाता है:
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वाहनों पर प्रतिबंध
- डिज़ेल और पेट्रोल के पुराने वाहन (पुराने मॉडल) को शहर के भीतर प्रवेश पर प्रतिबंध।
- उच्च प्रदूषण वर्ग (उदा. BS‑III) वाले वाहनों के लिए विशेष समय‑स्लॉट में चलने की अनुमति, लेकिन सीमित दूरी तक।
- सार्वजनिक परिवहन (बस, मेट्रो) को अतिरिक्त सफ़ाई और एंटी‑पॉल्यूशन उपाय अपनाने का निर्देश।
पार्किंग प्रतिबंध
- शहर के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों में नई पार्किंग सुविधाओं का निर्माण रोक।
- उच्च प्रदूषण वाले क्षेत्रों में मौजूदा पार्किंग लॉट्स को सीमित समय के लिए बंद किया जाएगा।
निर्माण एवं धूल नियंत्रण
- निर्माण स्थल पर धूल नियंत्रण के लिए स्प्रिंकलर, जल‑स्प्रे और स्क्रीन का अनिवार्य उपयोग।
- नए निर्माण कार्यों को 24 घंटे के भीतर रोकना, केवल आवश्यक कार्यों को ही अनुमति देना।
- भवनों की ऊँचाई और निकास के निकट धूल‑प्रदूषण को कम करने के लिए कड़े मानक लागू।
मुख्य बातें
- दिल्ली में कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर, आईटीओ पर 349, इंडिया गेट पर 335 दर्ज।
- पिछले 3 दिनों में AQI में लगभग 150 अंक की वृद्धि।
- GRAP‑2 लागू, जिसमें वाहनों, पार्किंग और निर्माण पर सख्त पाबंदियाँ।
- पुराने डीज़ल/पेट्रोल वाहन, BS‑III वर्ग के वाहन, और धूल‑उत्पन्न निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध।
- सार्वजनिक परिवहन को अतिरिक्त सफ़ाई और एंटी‑पॉल्यूशन उपाय अपनाने का निर्देश।
स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव
400 से अधिक AQI स्तर को “भारी प्रदूषण” माना जाता है। इस स्तर पर श्वसन रोग, आँखों में जलन, सिरदर्द और हृदय‑संबंधी समस्याएँ बढ़ सकती हैं, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और दमा रोगियों के लिए। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को बाहर निकलते समय मास्क पहनने, घर के अंदर वायु शुद्धिकरण उपकरण उपयोग करने और आवश्यक नहीं होने पर बाहर जाने से बचने की सलाह दी है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना
दिल्ली सरकार ने बताया कि GRAP‑2 केवल अस्थायी उपाय नहीं, बल्कि दीर्घकालिक वायु गुणवत्ता सुधार के लिए एक कदम है। अगले चरण में वायुमंडलीय मॉनिटरिंग को और सुदृढ़ किया जाएगा, साथ ही उद्योगों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त नियमावली तैयार की जाएगी।
नागरिकों को भी इस संकट में सहयोग करने की अपील की गई है, जैसे कि निजी वाहनों के उपयोग को कम करना, सार्वजनिक परिवहन को अपनाना और घर में ऊर्जा‑संचयन उपाय अपनाना।




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