Skip to content
Wednesday, 04 November 2026|India
04 Novआज की खबरें
ऐप डाउनलोड
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत एसपी देहात ने शिकारपुर में रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा; पुलिसबल को दिए सख्त निर्देश•खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया; आरके फार्म हाउस में उमड़ी भारी भीड़, जनता ने दिया भव्य आशीर्वाद•महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल, खुर्जा में भव्य चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन; मेधावी विद्यार्थियों की प्रतिभा ने मोहा मन•मुरादाबाद में तेज रफ्तार पिकअप ने पकौड़ी के ठेले में टक्कर मारकर 2 बच्चों की मौत, 4 घायल•राहुल गांधी संगरूर में ‘इंसाफ रैली’ के लिए तैयार, नितिन नबीन की गोरखपुर पदयात्रा भी शुरू•गुरुग्राम के ओरसम होटल में इंजीनियर की जकूजी में मिली लाश, दरवाजा अंदर से बंद•बॉलीवुड में फिर बिश्नोई गैंग का खौफ, तुषार कपूर को 5 करोड़ की फिरौती वाला कॉल•दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों पर बड़ी कार्रवाई की: 6 गिरफ्तार, 70 बैंक खाते और 187 फर्जी सिम बरामदआगामी त्यौहारों के दृष्टिगत एसपी देहात ने शिकारपुर में रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा; पुलिसबल को दिए सख्त निर्देश•खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया; आरके फार्म हाउस में उमड़ी भारी भीड़, जनता ने दिया भव्य आशीर्वाद•महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल, खुर्जा में भव्य चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन; मेधावी विद्यार्थियों की प्रतिभा ने मोहा मन•मुरादाबाद में तेज रफ्तार पिकअप ने पकौड़ी के ठेले में टक्कर मारकर 2 बच्चों की मौत, 4 घायल•राहुल गांधी संगरूर में ‘इंसाफ रैली’ के लिए तैयार, नितिन नबीन की गोरखपुर पदयात्रा भी शुरू•गुरुग्राम के ओरसम होटल में इंजीनियर की जकूजी में मिली लाश, दरवाजा अंदर से बंद•बॉलीवुड में फिर बिश्नोई गैंग का खौफ, तुषार कपूर को 5 करोड़ की फिरौती वाला कॉल•दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों पर बड़ी कार्रवाई की: 6 गिरफ्तार, 70 बैंक खाते और 187 फर्जी सिम बरामद
विज्ञापन
Home » रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता से भारत की सैन्य ताकत मजबूत, राजनाथ सिंह ने कहा 2047 का लक्ष्य
Government Policy

रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता से भारत की सैन्य ताकत मजबूत, राजनाथ सिंह ने कहा 2047 का लक्ष्य

4 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 04 Nov 2026• अपडेट 04 Nov 2026
GB News India ऐप डाउनलोड करेंGoogle Play Store पर उपलब्ध
रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता से भारत की सैन्य ताकत मजबूत, राजनाथ सिंह ने कहा 2047 का लक्ष्य
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2026 में बताया कि रक्षा सुधार, आत्मनिर्भरता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निर्यात 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मुख्य भूमिका निभाएंगे।…

दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2026 के दो दिवसीय सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को भारत की सैन्य शक्ति का मुख्य स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में स्वदेशी तकनीक, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निर्यात एक साथ मिलकर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेंगे।

रक्षा सुधार, आत्मनिर्भरता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निर्यात – चार स्तंभ

राजनाथ सिंह ने चार प्रमुख तत्वों को आपस में जुड़ा बताया – रक्षा सुधार से व्यवस्था मजबूत होगी, आत्मनिर्भरता से स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिलेगा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग से आधुनिक तकनीक प्राप्त होगी और निर्यात से भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजार में पहचान मिलेगी। इन चारों के समन्वय से 2047 तक भारत की सैन्य शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

रक्षा सुधार के प्रमुख बिंदु

  • सैन्य तालमेल और आधुनिक तकनीक को सुदृढ़ करना।
  • नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना।
  • ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड को सात सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में बदलना।

आधुनिक युद्ध का बदलता परिदृश्य

राजनाथ सिंह ने कहा कि हाल के संघर्षों ने युद्ध के स्वरूप को बदल दिया है। अब लड़ाई केवल जमीन, समुद्र और आकाश तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरिक्ष, साइबर और डिजिटल क्षेत्रों तक विस्तारित है। सस्ते ड्रोन और ऑटोनॉमस सिस्टम महंगे प्लेटफ़ॉर्म के लिए चुनौती बन रहे हैं, इसलिए नई तकनीकों का तेज़ विकास, बड़े पैमाने पर उत्पादन और निरंतर आपूर्ति आवश्यक है।

निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका

रक्षा मंत्री ने AMCA लड़ाकू विमान, प्रोपल्शन सिस्टम, ATAGS तोप, आर्टिलरी गोला-बारूद और युद्धपोत निर्माण जैसे प्रमुख कार्यक्रमों में निजी कंपनियों की भागीदारी को बढ़ाने पर बल दिया। रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर और ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के परिवर्तन से MSME, स्टार्ट‑अप और शैक्षणिक संस्थानों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।

आपके लिए संबंधित खबरें

रक्षा उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि

वित्त वर्ष 2025‑26 में रक्षा उत्पादन लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा, जबकि रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये हो गया। भारतीय रक्षा उत्पाद अब 80 से अधिक देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य 2029 तक रक्षा उत्पादन को 3 लाख करोड़ रुपये और निर्यात को 5 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाना है।

वैज्ञानिकों को स्वतंत्रता और नवाचार

रक्षा अनुसंधान में सेना की जरूरतों को प्राथमिकता देना आवश्यक है, परन्तु वैज्ञानिकों को नई विचारधारा और तकनीकों पर स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर भी मिलना चाहिए। लैब से विकसित सफल तकनीकों को शीघ्र उत्पादन और सेना में शामिल करने पर भी जोर दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का नया मोड़

भारत अब केवल हथियार खरीदने या लाइसेंस के तहत निर्माण करने तक सीमित नहीं रहना चाहता। सह‑विकास, सह‑उत्पादन और साझा तकनीकी नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। भारतीय कंपनियों को डिजाइन, बौद्धिक संपदा और वैश्विक सप्लाई चेन में भागीदारी का अवसर मिलेगा।

मुख्य बातें

  • रक्षा सुधार, आत्मनिर्भरता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निर्यात 2047 के लक्ष्य के चार मुख्य स्तंभ हैं।
  • 2025‑26 में रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये, निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचा।
  • 2029 तक उत्पादन 3 लाख करोड़ रुपये, निर्यात 5 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य।
  • निजी कंपनियों को AMCA, ATAGS, प्रोपल्शन सिस्टम आदि प्रमुख प्रोजेक्ट्स में बढ़ी हुई भागीदारी।
  • नई तकनीकें – ड्रोन, ऑटोनॉमस सिस्टम, साइबर एवं अंतरिक्ष क्षमताएँ – भविष्य की सैन्य चुनौतियों के लिए आवश्यक।

डिफेंस डायलॉग 2026 का महत्व

3‑4 नवंबर को नई दिल्ली में मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (MP‑IDSA) में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में भारत और विदेशों के रक्षा विशेषज्ञ, सैन्य अधिकारी, नीति निर्माता, वैज्ञानिक और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य स्वदेशी तकनीक को तेज़ी से विकसित करना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करना और रक्षा उत्पादन एवं निर्यात को नई ऊँचाइयों पर ले जाना है।

रक्षा मंत्री ने कहा, “आत्मनिर्भरता का मतलब दुनिया से अलग होना नहीं, बल्कि अपनी तकनीकी ताकत बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए और मजबूत बनना है।” यह बयान भारत की रणनीतिक दिशा को स्पष्ट करता है – स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देते हुए वैश्विक साझेदारी को गहरा करना।

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *