कांग्रेस ने कहा: जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य दर्जा न हो तो कैबिनेट में नहीं शामिल होंगे
2 मिनट में पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को होने वाले कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले कांग्रेस ने एक स्पष्ट बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक पार्टी सरकार के कैबिनेट में शामिल नहीं होगी। यह बयान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने दिया, जो इस मुद्दे को अपनी प्राथमिकता के रूप में दोहराते रहे।
कांग्रेस का रुख और मांग
कर्रा ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले दो वर्षों से पूर्ण राज्य दर्जा बहाल करने के लिए संघर्ष किया है और इस मांग पर कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन केवल आज का नहीं, बल्कि सरकार के गठन से पहले से ही जारी है। पार्टी ने इस दिशा में कई बड़े विरोध प्रदर्शन किए, जिनमें “श्रीनगर चलो”, “जम्मू चलो” और “दिल्ली चलो” शामिल हैं।
प्रदर्शन और भूख हड़ताल
कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में भूख हड़ताल और विभिन्न विरोध कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों को केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन मिला, और पार्टी ने इन प्रयासों को अपने संघर्ष का हिस्सा माना।
कैबिनेट विस्तार की तैयारी
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार सुबह 10:30 बजे कैबिनेट विस्तार का नोटिफिकेशन जारी किया, जिससे इस मुद्दे पर सभी अफवाहों पर विराम लगा। हालांकि, कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को अपने पूर्ण राज्य की मांग के सामने नहीं रखा।
आपके लिए संबंधित खबरें
मुख्य बातें
- कांग्रेस ने कहा कि पूर्ण राज्य दर्जा न हो तो कैबिनेट में नहीं शामिल होगी।
- पार्टी ने पिछले दो सालों से इस मांग पर संघर्ष किया है।
- श्रीनगर, जम्मू और दिल्ली में बड़े विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए।
- जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में भूख हड़ताल और विरोध कार्यक्रम चलाए गए।
- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कैबिनेट विस्तार का नोटिफिकेशन जारी किया, जिससे अफवाहों पर विराम लगा।
कांग्रेस का यह बयान राज्य में राजनीतिक माहौल को प्रभावित करेगा, क्योंकि पूर्ण राज्य की मांग अब तक के सबसे प्रमुख मुद्दों में से एक बनी हुई है। पार्टी का यह दृढ़ रुख यह दर्शाता है कि वह इस मुद्दे को किसी भी समझौते के बिना आगे बढ़ाएगी।




टिप्पणियाँ
0