चुनाव आयोग ने पीलीभीत मतदाता सूची में गड़बड़ी की जांच का आदेश दिया
2 मिनट में पढ़ें

उत्त प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने सख्त जांच का आदेश दिया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (एसपी) ने सूची में नाम बदलने, गलत नाम जोड़ने और पात्र नाम कटने की गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं।
शिकायतों का विवरण
कांग्रेस और एसपी के अनुसार, पीलीभीत की अंतिम ड्राफ्ट मतदाता सूची में लगभग 13,150 मतदाताओं के नाम बदल दिए गए हैं। एपिक नंबर सही होने के बावजूद कई नाम गलत दर्ज किए गए, कुछ नाम पूरी तरह से हटाए गए और कुछ अनधिकृत नाम जोड़े गए। इन irregularities को लेकर दोनों दलों ने चुनाव आयोग को लिखित ज्ञापन भी भेजा था।
चुनाव आयोग की कार्रवाई
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने इस मामले की तुरंत जांच का आदेश दिया। उन्होंने पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया कि वे मामले की विस्तृत जाँच कर रिपोर्ट शीघ्र प्रदान करें। आयोग ने कहा कि यदि जांच में गड़बड़ी के आरोप सिद्ध होते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बातें
- कांग्रेस और एसपी ने पीलीभीत मतदाता सूची में नाम बदलने, गलत नाम जोड़ने और पात्र नाम कटने की शिकायतें कीं।
- शिकायत के अनुसार 13,150 मतदाताओं के नाम फाइनल ड्राफ्ट लिस्ट में बदले गए।
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारी को शीघ्र जांच और रिपोर्ट देने का आदेश दिया।
- जांच में गड़बड़ी सिद्ध होने पर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि
पीलीभीत उत्तर प्रदेश की प्रमुख विधानसभा सीटों में से एक है, जहाँ हर चुनाव में बड़ी राजनीतिक दांवपेंच होते हैं। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए आयोग द्वारा त्वरित जांच को आवश्यक माना गया।
आपके लिए संबंधित खबरें
आगे की संभावनाएँ
जांच के परिणाम के आधार पर यदि गड़बड़ी सिद्ध होती है, तो सूची में सुधार के साथ साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, कांग्रेस ने इस मुद्दे को न्यायालय में ले जाने की बात भी कही है, जिससे कानूनी प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।




टिप्पणियाँ
0