चंद्रशेखर नोपानी: उद्योग जगत के दिग्गज और शिक्षा-समाज सेवा के पुरोधा
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चंद्रशेखर नोपानी: उद्योग जगत के दिग्गज और शिक्षा-समाज सेवा के पुरोधा
कोलकाता:
देश के जाने-माने उद्योगपति और नोपानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रमुख चंद्रशेखर नोपानी आज व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। उनका जीवन और व्यावसायिक सफर भारतीय उद्योग जगत में एक मिसाल है।
शाही और उद्योगपति परिवार से ताल्लुक
चंद्रशेखर नोपानी का जन्म 19 सितंबर 1965 को कलकत्ता (अब कोलकाता) के एक संपन्न माहेश्वरी कुल में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय बिमल कुमार नोपानी और माता नंदिनी नोपानी (प्रसिद्ध उद्योगपति पद्म भूषण बाबू कृष्ण कुमार बिड़ला की पुत्री) हैं। उनके दादा सेठ मोहन लाल नोपानी भी एक बड़े उद्योगपति थे। यह परिवार मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनू जिले के महनसर का रहने वाला है।
नोपानी परिवार के व्यापार का इतिहास गौरवशाली रहा है। 1930 के दशक में सेठ दौलतराम नोपानी और उनके पुत्र रावतमल नोपानी ने मिलकर ‘नोपानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज’ की स्थापना की थी। आज़ादी के समय इस समूह के पास मोतिहारी में श्री हनुमान शुगर मिल (बिहार की सबसे बड़ी मिलों में से एक), मेवाड़ शुगर मिल (भूपालसागर, राजस्थान), नॉर्थ बिहार शुगर मिल (नारायणपुर) और बेलसुंड शुगर कंपनी (रीगा, बिहार) जैसी कई चीनी मिलें थीं। इसके अलावा यह परिवार बैंकिंग, बीमा और कोलियरी क्षेत्रों (यूनाइटेड कमर्शियल बैंक, रूबी जनरल इंश्योरेंस आदि) में भी प्रमुख रूप से सक्रिय रहा है।
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शैक्षणिक योग्यता और व्यावसायिक उपलब्धियां
चंद्रशेखर नोपानी ने उच्च शिक्षा अमेरिका की प्रतिष्ठित कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी, पिट्सबर्ग से इंडस्ट्रियल एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc.) की डिग्री के साथ प्राप्त की है। इसके साथ ही वे इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) से चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं।
शुगर, टेक्सटाइल और फर्टिलाइजर सेक्टर में दशकों का अनुभव रखने वाले श्री नोपानी वर्तमान में:
- सतलुज टेक्सटाइल्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं।
- अवध शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड और मगध शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड का नेतृत्व करते हैं।
- चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड के प्रमोटर तथा मॉर्टन फूड्स, न्यू इंडिया रिटेलिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स और सील इन्वेस्टमेंट्स के चेयरमैन व डायरेक्टर हैं।
वे ‘द इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (कोलकाता)’ और ‘इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन’ के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं तथा ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI)’ की कार्यकारी समिति के सदस्य हैं। इसके अलावा, उन्हें पुर्तगाल सरकार द्वारा कोलकाता में पुर्तगाल का ऑनरेरी कॉन्सुल भी नियुक्त किया गया है।
शिक्षा और सामाजिक सरोकार
उद्योग जगत के साथ-साथ चंद्रशेखर नोपानी शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में भी गहरी रुचि रखते हैं। वे कोलकाता में नोपानी हाई, नोपानी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोपानी इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर स्टडीज और रांची में विकास विद्यालय के चेयरमैन हैं।
नोपानी परिवार द्वारा पूरे भारत में कई स्कूल, अस्पताल और धर्मशालाएं संचालित की जाती हैं। इनमें कोलकाता का श्री दौलतराम नोपानी विद्यालय, नोपानी गर्ल्स स्कूल, प्रिटोरिया हाई स्कूल, गंगा गुरुकुल के साथ-साथ बिहार के नारायणपुर में नॉर्थ बिहार शुगर मिल्स हाई स्कूल, भागलपुर में रामेश्वर लाल नोपानी विद्या मंदिर और महनसर में सेठ दौलतराम नोपानी विद्या भवन प्रमुख हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
- माता-पिता: स्वर्गीय बिमल कुमार नोपानी (पिता) और नंदिनी नोपानी (माता)।
- नाना: उद्योगपति पद्म भूषण बाबू कृष्ण कुमार बिड़ला (केके बिड़ला ग्रुप)।
- पत्नी: शालिनी नोपानी (पुत्री – सुशील कुमार मोदी, प्रपोत्री – राय बहादुर सेठ गुजर मल मोदी)।
- संतान: पुत्र अर्हन्त नोपानी और पुत्री उर्वी नोपानी।




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