सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन, जंतर मंतर पर सौरभ भारद्वाज सहित कई को हिरासत
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मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने देशभर में “लोकतंत्र बचाओ” मार्च का आयोजन किया। इस क्रम में दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके साथ संजीव झा और कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी डिटेन किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी आधार
जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। नई दिल्ली जिले में धारा 163 बीएनएसएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू कर दी गई, जिसके तहत किसी भी अनाधिकृत सभा या प्रदर्शन की इजाज़त नहीं है। इस कारण पुलिस ने जंतर मंतर के आसपास के मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा और क्षेत्र में भारी बैरिकेडिंग व सुरक्षा बलों की तैनाती की।
विरोधी दलों की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने सीईसी के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ मार्च को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की जा रही है। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के कारण कई नेताओं को हिरासत का सामना करना पड़ा।
मुख्य बातें
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में “लोकतंत्र बचाओ” मार्च शुरू।
- आम आदमी पार्टी के सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और कई कार्यकर्ताओं को जंतर मंतर पर अनधिकृत सभा के कारण हिरासत में लिया गया।
- नई दिल्ली में धारा 163 बीएनएसएस लागू, जिससे अनधिकृत प्रदर्शन पर प्रतिबंध।
- जंतर मंतर के आसपास के मेट्रो स्टेशनों को बंद, भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती।
आगे की संभावनाएँ
विपक्ष के नेताओं ने कहा है कि वे कानूनी रास्ते और सार्वजनिक समर्थन के माध्यम से अपने मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में बिना अनुमति के किसी भी सभा या प्रदर्शन पर कार्रवाई की जाएगी।




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