रसोई गैस की भारी कालाबाजारी आम जनता बेहाल अधिकारी और एजेंसी संचालक मौन
गरीब जनता की जेब पर डकैती जनप्रतिनिधि बेपरवाह
सप्लाई इंस्पेक्टर ने नहीं उठाया फोन एजेंसी संचालक की हेकड़ी
खुर्जा ।नगर व ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की खुलेआम हो रही कालाबाजारी ने आम जनता की कमर तोड़ कर रख दी है इन दिनों इंडियन गैस व भारत गैस के सिलेंडरों को धड़ल्ले से ब्लैक में बेचा जा रहा है एक तरफ जहां आम और गरीब उपभोक्ता अपने हक के सिलेंडर के लिए हफ्तों इंतजार करने और परेशानियां उठाने को मजबूर है वहीं दूसरी तरफ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नियमों को ताक पर रखकर ये सिलेंडर पहुंचाए जा रहे है दुकानों और होटलों में हो रहा अवैध इस्तेमाल नगर के मुख्य बाजारों से लेकर गली-मौहल्लों तक में स्थित होटलों, हलवाइयों, चाट-पकौड़ी के ठेलों और रेस्टोरेंटों एवं फैक्ट्रियों में घरेलू सिलेंडरों का खुलेआम व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है गैस एजेंसी से सीधे उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचने वाले इन सिलेंडरों को ऊंचे दामों पर इन दुकानदारों को बेच दिया जाता है यह खेल लम्बे समय से बिना किसी डर के चल रहा है स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गैस सिलेंडर घर के चूल्हे जलने के लिए ज्यादा जरूरी हैं या दुकानों-होटलों में ब्लैक में बेचे जाने के लिए यह आज एक बड़ा और गम्भीर विषय बना हुआ है गैस सिलेंडरों की इस कालाबाजारी के कारण सबसे ज्यादा क्षेत्र की गरीब और मध्यमवर्गीय जनता पर पड़ रही है समय पर सिलेंडर न मिलने और ऊंचे दामों पर ब्लैक में खरीदने के कारण गरीब जनता की जेब पर सीधा डाका डाला जा रहा है हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पूरी तरह से आंखें मूंद रखी है जनता का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और रसूखदारों के घरों पर इंडियन गैस व भारत गैस के सिलेंडर बिना किसी देरी के समय से पहुंच जाते है शायद यही वजह है कि उन्हें आम जनता की इस बुनियादी परेशानी से कोई सरोकार नहीं रह गया है इस गम्भीर समस्या और कालाबाजारी को लेकर जब सजग पत्रकारों ने आपूर्ति विभाग के सप्लाई इंस्पेक्टर दीपांकर जी, से उनका पक्ष जानने और जानकारी लेने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा ऐसे में जनता के बीच यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब सप्लाई इंस्पेक्टर पत्रकारों तक का फोन नहीं उठाएंगे तो फिर वह आम जनता की शिकायतें कैसे सुनेंगे वहीं दूसरी ओर जब इस कालाबाजारी को लेकर भारत गैस एजेंसी के संचालक से बात की गई तो उनका रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना और अड़ियल रहा उन्होंने साफ तौर पर कालाबाजारी की बात से इनकार करते हुए पत्रकारों को चुनौती भरे लहजे में कहा कि भारत गैस के सिलेंडर ब्लैक नहीं हो रहे है और अगर आपको खबर छापनी है तो छाप दो हमारा कुछ नहीं होगा गैस एजेंसी संचालक का यह बयान साफ दर्शाता है कि उन्हें न तो प्रशासन का कोई डर है और न ही उच्चाधिकारियों की कार्रवाई का खुर्जा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में चल रहा यह गैस का काला खेल बिना किसी मिलीभगत के सम्भव नहीं है आम जनता अब जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग कर रही है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए दुकानों और होटलों पर अवैध रूप से इस्तेमाल हो रहे घरेलू सिलेंडरों को जब्त कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि गरीब उपभोक्ताओं को उनका हक मिल सकें ।
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