बेंगलुरु‑मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परिचालन 1 नवंबर से, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे हरी झंडी
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बेंगलुरु‑मुंबई के बीच देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परिचालन 1 नवंबर 2026 से शुरू होगा। इस नई सेवा को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से लॉन्च करेंगे।
ट्रेन की मुख्य विशेषताएँ
यह 16 कोच वाली ट्रेन 823 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी और 130 किमी/घंटा की औसत गति से चलने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस गति के कारण बेंगलुरु‑मुंबई के बीच का सफर 24 घंटे से घटकर केवल 15‑16 घंटे रह जाएगा। ट्रेन का नंबर 27652/27651 है और यह सप्ताह में छह दिन चलने की योजना है।
कोच वर्ग और सुविधाएँ
- एसी‑3 (AC 3‑Tier): सामान्य एसी स्लीपर सुविधा।
- एसी‑2 (AC 2‑Tier): दो बिस्तर वाली एसी सुविधा।
- फर्स्ट एसी (First AC): निजी बुकिंग, शावर सहित गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध।
मार्ग एवं संचालन
ट्रेन महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ती है, जिससे इन राज्यों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हफ्ते में छह दिन चलने के कारण यात्रियों को लचीलापन मिलेगा और मौसमी भीड़ को भी कम किया जा सकेगा।
मुख्य बातें
- परिचालन तिथि: 1 नवंबर 2026
- मार्ग: बेंगलुरु‑मुंबई (महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश)
- कोच संख्या: 16, क्षमता: 823 यात्रियों की
- औसत गति: 130 किमी/घंटा
- यात्रा समय: 15‑16 घंटे (पहले 24 घंटे से घटकर)
- सेवा वर्ग: एसी‑3, एसी‑2, फर्स्ट एसी (शावर सुविधा)
- संचालन: हफ्ते में 6 दिन, ट्रेन नंबर 27652/27651
- लॉन्च समारोह: कर्नाटक राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी
प्रभाव और अपेक्षित लाभ
बेंगलुरु‑मुंबई के बीच तेज़ गति वाली स्लीपर सेवा से व्यापारियों, छात्रों और पर्यटन यात्रियों को समय की बचत होगी। साथ ही, एसी‑3 और एसी‑2 कोचों की उपलब्धता से मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए भी आरामदायक यात्रा विकल्प उपलब्ध होगा। फर्स्ट एसी में शावर सुविधा जैसी प्रीमियम सेवा से उच्च वर्ग के यात्रियों को आकर्षित करने की संभावना है।
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आगे की योजना
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नेटवर्क को देश के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी विस्तारित करने की योजना है, जिससे भारतीय रेलवे की गति, आराम और क्षमता में सुधार होगा। इस नई सेवा के सफल संचालन से भविष्य में अधिक रूट्स पर समान सुविधाएँ जोड़ने की संभावना बढ़ेगी।




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