बेंगलुरु में कैब ड्राइवर इंदुशेखर ने 15 दिनों में 7 परिवार के सदस्यों की हत्या की हत्याकांड की पूरी कहानी
2 मिनट में पढ़ें

बेंगलुरु में एक साधारण कैब ड्राइवर इंदुशेखर ने 15 दिनों के भीतर सात लोगों की हत्या कर एक दहशत भरा कातिल बना। यह हत्याकांड 20 साल की शादी के बाद शुरू हुआ, जब इंदुशेखर ने अपनी पत्नी सुनीता और उसके मायके वालों के प्रति बढ़ती नफरत को हिंसा में बदल दिया।
हत्याओं का क्रम और विधि
इंदुशेखर ने पहले अपनी पत्नी सुनीता को ओखली (मूसल) से मार दिया। उसने परिवार को बताया कि सुनीता दोस्तों के साथ बाहर गई है। इसके बाद उसने शराब पीने का बहाना करके अपने दो साले शिवकुमार और शंकर को घर बुलाया और उन्हें भी उसी ओखली से मार डाला। फिर दो साल की पत्नियों (दिव्या और नलिनी), सास रूपवती और अंत में 7‑साल का बच्चा पुनीत को भी उसी हथियार से मार दिया गया।
शवों का निपटान
हर हत्या के बाद इंदुशेखर ने शव को अपनी कार में लादकर नंदी हिल्स व चारमाडी की सुनसान पहाड़ियों में फेंक दिया। घर लौटकर वह फर्श को साफ कर खून के धब्बे मिटा देता और अगले शिकार की तैयारी करता।
पुलिस की कार्रवाई और कबूलनाम
जब नलिनी का अचानक गायब होना उसकी मां की शिकायत पर पुलिस ने किराए के मकान की तलाशी ली, तो फॉरेंसिक टीम को दीवारों और फर्श के कोनों से खून के निशान मिले। कड़ी पूछताछ के बाद इंदुशेखर ने अपना फरेबी मुखौटा उतारते हुए सातों हत्याओं को कबूल किया।
आपके लिए संबंधित खबरें
शवों की खोज
पुलिस ने नंदी हिल्स की झाड़ियों में 7‑साल के पुनीत का बेजान शरीर पाया, जिससे हत्याकांड की सच्चाई उजागर हुई। इंदुशेखर को अब कड़ी सजा के साथ जेल में बंद किया गया।
मुख्य बातें
- इंदुशेखर ने 15 दिनों में कुल सात लोगों की हत्या की।
- शिकारी: पत्नी सुनीता, दो साले शिवकुमार और शंकर, दो साल की पत्नियां दिव्या और नलिनी, सास रूपवती और 7‑साल का बच्चा पुनीत।
- हत्या का हथियार: ओखली (मूसल)।
- शवों को नंदी हिल्स व चारमाडी की पहाड़ियों में फेंका गया।
- पुलिस की जांच में खून के निशान मिले और इंदुशेखर ने कबूल किया।
- इंदुशेखर को अब जेल की सजा सुनाई गई।
यह केस नफरत, जलन और व्यक्तिगत अहंकार के कारण उत्पन्न हिंसा का एक भयावह उदाहरण है, जो सामाजिक और पारिवारिक संबंधों में विश्वास की कमी को उजागर करता है।




टिप्पणियाँ
0