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बरेली की महताब ने अपनी मर्जी से सनातन धर्म अपनाया, ‘ममता’ बनकर हिंदू रीति‑रिवाज से शादी

2 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 03 Oct 2026• अपडेट 03 Oct 2026• 5 views
बरेली की महताब ने अपनी मर्जी से सनातन धर्म अपनाया, ‘ममता’ बनकर हिंदू रीति‑रिवाज से शादी
बरेली की महताब ने हलाला और तीन तलाक के डर से बचने के लिए अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाया, ‘ममता’ नाम लेकर मुरादाबाद के जागेशपुरी से सात फेरे की हिंदू शादी…

बरेली के रामपुर गांव की महताब ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाकर ‘ममता’ नाम धारण किया और मुरादाबाद के जागेशपुरी के साथ हिंदू रीति‑रिवाज से सात फेरे की शादी की। यह कदम उसने हलाला और तीन तलाक के डर से बचने के लिए उठाया, और अब वह अपने पति के साथ ही जीवन बिताने का दृढ़ संकल्प रखती है।

धर्म परिवर्तन और नई पहचान

महिला ने बताया कि वह आठवीं कक्षा तक पढ़ी है, पिता कासिम और माँ मुजरमीन (विधवा) के साथ बड़े हुए। धर्म परिवर्तन के बाद उसे ‘ममता’ नाम दिया गया। उसने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी दबाव, लालच या डर के कारण नहीं, बल्कि अपनी व्यक्तिगत इच्छा से लिया गया है।

शुद्धिकरण एवं दीक्षा प्रक्रिया

आचार्य केके शंखधार ने गंगाजल और गोमूत्र से आचमन कराई, वैदिक एवं गायत्री मंत्रों का जाप किया और महताब को सनातन धर्म में दीक्षित किया। वह पहले से ही भगवान शिव में आस्था रखती थी और पाँच साल से सनातन धर्म के प्रति आकर्षित थी।

जागेशपुरी से प्रेम और शादी

लगभग चार साल पहले जागेशपुरी, जो मुरादाबाद के रोंडा गांव (मूँढापांडे थाना) से है, सरिया‑पुल निर्माण के काम के लिए महताब के गांव आया। दोनों की मुलाकात काम के दौरान हुई, बातचीत धीरे‑धीरे प्रेम में बदल गई और चार साल तक रिश्ते में रहे। परिवार की असहमति के बाद दोनों ने घर छोड़कर साथ रहने और शादी करने का निर्णय लिया।

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हिंदू रीति‑रिवाज से सात फेरे

परिवार की अनुमति न मिलने के बाद भी दोनों ने वैध हिंदू शादी की प्रक्रिया अपनाई। वरमाला पहनाने के बाद सात फेरे लेकर उन्होंने एक-दूसरे के साथ जीवन भर रहने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

  • महताब ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाया और ‘ममता’ नाम रखा।
  • धर्म परिवर्तन के बाद गंगाजल‑गोमूत्र से शुद्धिकरण और वैदिक मंत्रों के साथ दीक्षा हुई।
  • जागेशपुरी के साथ चार साल के प्रेम संबंध के बाद सात फेरे की हिंदू शादी की।
  • परिवार की असहमति के कारण दोनों ने घर छोड़कर साथ रहने का फैसला किया।
  • ममता ने कहा, “अब मैं अपने घर वापस नहीं जाऊँगी, मैं अपने पति के साथ ही पूरी जिंदगी रहूँगी।”

यह घटना उत्तर प्रदेश में व्यक्तिगत धर्म परिवर्तन और वैध शादी के संदर्भ में सामाजिक चर्चा को उजागर करती है, जहाँ कई बार हलाला और तलाक के डर से महिलाएँ अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती हैं।

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