बार्बी डॉल की नई पैकेजिंग पर नाजी सैल्यूट का आरोप, सोशल मीडिया में बवाल
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बार्बी की नई जिम्नास्टिक डॉल के पैकेज पर नाजी सैल्यूट जैसा प्रतीक दिखने से सोशल मीडिया में तीव्र प्रतिक्रिया आई है। कई उपयोगकर्ताओं ने मैटल (Mattel) कंपनी के बहिष्कार की मांग की, जबकि अन्य ने इस डिजाइन को गलत समझते हुए बचाव किया।
विवाद की शुरुआत
अमेरिका की टिकटॉक क्रिएटर एना एलिजाबेथ (Ana Elizabeth) ने CVS फार्मेसी स्टोर में मैटल की ‘You Can Do Anything’ कलेक्शन की जिम्नास्टिक थीम वाली बार्बी डॉल देखी। डॉल स्वयं सामान्य लग रही थी, पर पैकेजिंग के पीछे नीले रंग में दर्शकों की भीड़ के उठे हुए हाथ नाजी सैल्यूट जैसा दिखा। एना ने इस दृश्य को ज़ूम करके एक वीडियो बनाया, जिसमें एक पुराना जर्मन मार्चिंग गीत जोड़ा गया और वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
वीडियो के प्रसार के बाद उपयोगकर्ताओं ने मैटल कंपनी को तीखा निशाना बनाया। एक यूज़र ने लिखा, “तो अब हम मैटल का 100% बहिष्कार कर रहे हैं।” दूसरे ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी कंपनी में क्वालिटी कंट्रोल और डिजाइनिंग की बड़ी टीमें होते हुए भी ऐसी आपत्तिजनक चीज़ें कैसे स्टोर्स तक पहुँच गईं।
विरोधी और बचाव पक्ष
इंटरनेट दो गुटों में बंट गया। कई यूज़र्स ने कहा कि यह नाजी सैल्यूट नहीं, बल्कि मैच के दौरान जश्न मनाते दर्शकों के हाथ हैं, जो खुशी में ऊपर उठे हुए दिखते हैं। एक यूज़र ने तंज के साथ लिखा, “हम बहुत ही अजीब दौर में जी रहे हैं, जहाँ लोगों को हर जगह साजिश दिखती है। बार्बी की तो कोहनी भी नहीं होती, लोग बेवजह बात को बढ़ा रहे हैं।” वर्तमान में मैटल कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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मुख्य बातें
- बार्बी की जिम्नास्टिक डॉल के पैकेज पर दर्शकों के हाथ नाजी सैल्यूट जैसा दिखे।
- टिकटॉक क्रिएटर एना एलिजाबेथ ने इस दृश्य को वीडियो में दिखाया, जिससे विवाद वायरल हुआ।
- सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने मैटल कंपनी के 100% बहिष्कार की मांग की।
- दूसरी ओर कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे सामान्य दर्शक उत्सव के रूप में बचाव किया।
- मैटल कंपनी ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आगे क्या हो सकता है?
विवाद के बढ़ने के साथ, उपभोक्ता समूह और सामाजिक मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इस मुद्दे को लेकर चर्चा जारी रख सकते हैं। यदि मैटल कंपनी आधिकारिक स्पष्टीकरण देती है, तो बहिष्कार की मांगों में बदलाव आ सकता है। वर्तमान में यह मामला सोशल मीडिया पर ही केंद्रित है और कोई कानूनी या नियामक कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है।




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