BAPS के प्रमुख स्वामी महाराज की 13-खंड जीवनी ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
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ब्रह्मस्वरूप प्रमुख स्वामी महाराज (1921‑2016) के जीवन को समर्पित 13‑खंड की विस्तृत जीवनी ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से सबसे लंबी जीवनी का खिताब हासिल किया। 8,848 पृष्ठ और 21,46,447 शब्दों की इस रचना को 4 अक्टूबर 2026 को OVO एरिना वेम्बली में आयोजित समारोह में प्रमुख स्वामी महाराज को सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया गया।
रिकॉर्ड का विवरण
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इस 13‑वॉल्यूम रचना को “किसी एक लेखक की दुनिया की सबसे लंबी जीवनी” के रूप में मान्यता दी। इसे संस्कृत विद्वान साधु आदर्श जीवनदास, PhD ने लिखा है, जिन्होंने जुलाई 2017 से अगस्त 2020 तक 38 महीनों की गहन रिसर्च की।
मुख्य आँकड़े
- पृष्ठों की संख्या: 8,848
- शब्दों की संख्या: 21,46,447
- वॉल्यूम: 13
- लेखक: साधु आदर्श जीवनदास, PhD
- प्रकाशन अवधि: जुलाई 2017 – अगस्त 2020
समारोह और प्रस्तुति
रिकॉर्ड सर्टिफिकेट रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को प्रमुख स्वामी महाराज की 93वीं जयंती के अवसर पर प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम में एरिना में लगभग 11,000 दर्शकों ने भाग लिया, जबकि हजारों लोग लाइव वेबकास्ट के माध्यम से इसे देख सके। सीनियर एडजुडिकेटर कार्ल सैविल ने कहा, “गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की तरफ से इस सम्मान को प्राप्त करना गर्व की बात है।”
जीवनी की सामग्री और महत्व
यह जीवनी प्रमुख स्वामी महाराज के आध्यात्मिक नेतृत्व, विनम्रता, निस्वार्थ सेवा और विश्वभर में लोगों एवं समुदायों को प्रेरित करने के कार्यों को विस्तृत रूप से दस्तावेज़ करती है। लेखक का कहना है कि यह रचना केवल एक बड़े पैमाने की कहानी नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता, सेवा और मानवता के लिए समर्पित जीवन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
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विरासत का संरक्षण
इस पुस्तक के 310,000 से अधिक प्रतियां पहले ही बिक चुकी हैं, जिससे यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रमुख स्वामी महाराज की विरासत को संरक्षित करने में मदद करेगी।
बीएपीएस की अन्य गिनीज उपलब्धियां
यह रिकॉर्ड बीएपीएस के दूसरे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के बाद आया। फरवरी 2026 में वडोदरा में 12,723 बच्चों ने एक साथ 315 संस्कृत श्लोकों का पाठ किया था, जिससे बीएपीएस ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
मुख्य बातें
- 13‑खंड, 8,848 पृष्ठ, 21,46,447 शब्दों की जीवनी को सबसे लंबी जीवनी का रिकॉर्ड मिला।
- लेखक: साधु आदर्श जीवनदास, PhD, जिन्होंने 38 महीने की रिसर्च की।
- रिकॉर्ड सर्टिफिकेट 4 अक्टूबर 2026 को OVO एरिना वेम्बली में प्रस्तुत किया गया।
- समारोह में 11,000 दर्शक और हजारों ऑनलाइन दर्शक शामिल हुए।
- 310,000 से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं, जिससे स्वामी महाराज की विरासत संरक्षित होगी।




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