बागपत के खेकड़ा में दुकान‑मकान में भीषण आग, मां‑बेटी की मौत, बेटे को गंभीर जलन
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उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकड़ा (कोतवाली) क्षेत्र में गुरुवार को एक दुकान‑मकान में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। इस आग में 38 वर्षीय स्वाति जैन और उनकी छह साल की बेटी अनन्या जैन की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे अंकुर जैन को गंभीर जलन लगी।
आग का प्रसंग और तत्काल प्रतिक्रिया
विनय जैन, जो उस दुकान‑मकान के मालिक थे, और उनकी पत्नी मंदिर गए हुए थे। इस दौरान दुकान‑मकान में अचानक आग भड़क उठी। लपटें कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को घेर लेती हैं और धुएँ का गुबार चारों ओर फैल जाता है। आग की तीव्रता के कारण परिवार को बचाने का मौका नहीं मिल पाया।
परिवार के सदस्य
- स्वाति जैन, 38 वर्ष (माँ)
- अनन्या जैन, 6 वर्ष (बेटी)
- अंकुर जैन, उम्र अज्ञात (पुत्र, बचाव के दौरान 60% तक जल गया)
- श्रेयस जैन, 8 वर्ष (बच्चा, स्कूल में था, बच गया)
बचाव कार्य और चोटें
आग के बीच कई लोग भी बचाव के प्रयास में झुलसे। दो सिलेंडरों में भी विस्फोट हुए, जिससे फायर‑ब्रिगेड की कार्यवाही और कठिन हो गई। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं, मास्क पहनकर आग के भीतर प्रवेश कर बचाव कार्य शुरू किया।
अंकुर जैन को प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। उनकी जलन लगभग 60% तक थी और स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
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मृतकों की स्थिति
स्वाति जैन और उनकी बेटी अनन्या को तुरंत खेकड़ा के सीएचसी (सिविल हॉस्पिटल) में ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके शवों को शव वाहन से मोर्चरी भेज दिया गया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच
घटना की सूचना मिलते ही बागपत के जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने राहत‑बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए और आग के कारणों की जांच का आदेश दिया। एडीएम, पुलिस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी现场 मौजूद रहे। वर्तमान में पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरी घटना की जांच में जुटी हैं।
मुख्य बातें
- खेकड़ा (कोतवाली) में दुकान‑मकान में अचानक लगी आग से 38 वर्षीय स्वाति जैन और उनकी 6 साल की बेटी अनन्या की मौत।
- पुत्र अंकुर जैन को 60% तक जलन, गंभीर हालत, दिल्ली रेफर किया गया।
- परिवार का 8 साल का बेटा श्रेयस स्कूल में था, बच गया।
- आग के दौरान दो सिलेंडरों में विस्फोट, बचाव कार्य कठिन।
- जिलाधिकारी ने राहत‑बचाव तेज करने और कारणों की जांच का आदेश दिया।
यह त्रासदी बागपत के छोटे शहर में शोक की लहर लेकर आई है और स्थानीय प्रशासन को आग के कारणों की तेज़ी से जांच करने की आवश्यकता है।




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