असदुद्दीन ओवैसी ने श्रावस्ती में समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार, भारत अलायंस का प्रस्ताव
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श्री असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ने रविवार को उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के भिनगा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक सार्वजनिक सभे में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा प्रहार किया। ओवैसी ने सपा को ‘चाइना का माल’ कहकर उसकी स्थायित्व पर सवाल उठाया और भारत अलायंस (इंडिया अलायंस) के लिए सहयोग का प्रस्ताव रखा।
ओवैसी का मुख्य संदेश
ओवैसी ने कहा, “हमने इंडिया अलायंस के लिए हाथ आगे बढ़ाया था, हमने कहा था कि मिलकर लड़ेंगे, लेकिन अखिलेश यादव ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्हें लगता है कि हम खामोश बैठेंगे?” इस बयान में उन्होंने सपा के नेता अखिलेश यादव को सीधे चुनौती दी और गठबंधन के प्रति अपनी तत्परता दोहराई।
समाजवादी पार्टी पर ‘चाइना का माल’ का आरोप
भिनगा सीट, जो पिछले दो चुनावों में सपा का अभेद्य गढ़ माना जाता था, ओवैसी ने “सपा कुछ नहीं, सिर्फ चाइना का माल है… जो ज्यादा दिन टिकने वाला नहीं है” कहकर आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि जब उत्तर प्रदेश में किराए के कमरे की कमी है, तो इतनी बड़ी राज्य को कुंवारों के हाथ कैसे दे दिया गया, और इस दौरान सपा की स्थिति पर सवाल उठाया।
भिनगा में कद्दावर दद्दन खां को प्रत्याशी घोषित
ओवैसी ने बसपा छोड़कर आए कद्दावर नेता दद्दन खां को भिनगा से प्रत्याशी घोषित किया, जिससे सपा के अभेद्य गढ़ में सीधी सेंधमारी का संकेत मिला। यह कदम स्थानीय मुस्लिम समीकरण को बदलने और सपा की जड़ें तोड़ने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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मदरसों और मस्जिदों पर बुलडोजर की शिकायत
ओवैसी ने यह भी उल्लेख किया कि श्रावस्ती में मदरसों और मस्जिदों पर बुलडोजर चल रहा था, तब सपा “छिपी बैठी” थी। यह बयान स्थानीय समुदाय में सपा की नीतियों के प्रति असंतोष को उजागर करता है।
मुख्य बातें
- असदुद्दीन ओवैसी ने श्रावस्ती में समाजवादी पार्टी को ‘चाइना का माल’ कहा।
- ओवैसी ने भारत अलायंस (इंडिया अलायंस) के लिए सहयोग का प्रस्ताव दोहराया।
- भिनगा विधानसभा सीट पर कद्दावर नेता दद्दन खां को प्रत्याशी घोषित किया गया।
- ओवैसी ने अखिलेश यादव को जवाब देने का आह्वान किया और सपा की नीतियों पर सवाल उठाए।
- मदरसों और मस्जिदों पर बुलडोजर के मुद्दे को उठाते हुए ओवैसी ने सपा की भूमिका पर आलोचना की।
भविष्य की संभावनाएँ
ओवैसी के इस बयान से उत्तर प्रदेश की सियासत में नई गतिशीलता उत्पन्न हो सकती है। यदि भारत अलायंस का प्रस्ताव वास्तविक रूप लेता है, तो आगामी विधानसभा चुनावों में सपा के पारंपरिक वोट बैंक में बदलाव आ सकता है। दद्दन खां की प्रत्याशी घोषणा भी स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
भविष्य में इस गठबंधन की संभावनाओं और सपा की प्रतिक्रिया को देखना राजनीतिक विश्लेषकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।




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