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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 19‑दिन के छात्र आंदोलन का अंत, छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 09 Oct 2026• अपडेट 09 Oct 2026
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 19‑दिन के छात्र आंदोलन का अंत, छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में 19 दिन चलने वाले छात्र आंदोलन का शुक्रवार 9 अक्टूबर को समाप्ति हुई। प्रशासन ने चार प्रमुख मांगें मान लीं, जिसमें छात्रसंघ चुनाव की बहाली भी शामिल…

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में 19 दिन से चल रहा छात्र आंदोलन शुक्रवार 9 अक्टूबर को समाप्त हो गया। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी चार प्रमुख मांगें स्वीकार कर लीं, जिससे छात्रसंघ चुनाव का मार्ग खुल गया। यह आंदोलन आठ साल बाद पहली बार छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर शुरू हुआ था।

मुख्य बातें

  • 19‑दिन के आंदोलन के बाद AMU प्रशासन ने चार प्रमुख मांगें मान लीं।
  • मांगों में छात्रसंघ चुनाव की बहाली, प्रॉक्टर प्रोफेसर नवेद खान का इस्तीफा, निलंबित छात्रों की बहाली और FIR वापस लेना शामिल है।
  • कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून ने कहा कि चुनाव की तिथि जल्द ही तय होगी; संभावित रूप से 5 नवंबर को मतदान हो सकता है।
  • यदि इस साल चुनाव होते हैं, तो यह AMU में 8 साल बाद पहला छात्रसंघ चुनाव होगा।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पिछले वर्ष से ही छात्रसंघ चुनाव को लेकर असंतोष बना हुआ था। 2015‑2022 के बीच चुनाव नहीं हुए थे, जिससे कई छात्रों ने प्रशासन पर दबाव बनाया। इस संदर्भ में 19 अक्टूबर 2023 को छात्रों ने परिसर में धरना देना शुरू किया, जो धीरे‑धीरे 19 दिन तक जारी रहा।

प्रशासन की सहमति

गुरुवार देर रात तक चलती बातचीत के बाद कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून ने मीडिया से कहा कि विश्वविद्यालय ने छात्रों की सभी शिकायतों का समाधान कर दिया है। उन्होंने कहा, “छात्रों की सभी मांगें पूरी हो गई हैं और अब परिसर में सामान्य स्थिति है।”

छात्रों के अनुसार, प्रशासन ने निम्नलिखित चार मांगों पर सहमति जताई:

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  • छात्रसंघ चुनाव की बहाली।
  • प्रॉक्टर प्रोफेसर नवेद खान का इस्तीफा।
  • निलंबित छात्रों की बहाली।
  • छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेना।

छात्रसंघ चुनाव की संभावित तिथि

छात्रों ने बताया कि 26 अक्टूबर के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी और 5 नवंबर के आसपास मतदान आयोजित किया जा सकता है। हालांकि, इन तिथियों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। कुलपति ने कहा कि “इलेक्शन की डेट आ जाएगी” और प्रक्रिया को जल्द ही शुरू किया जाएगा।

आंदोलन की प्रतिक्रिया

आंदोलनकारी छात्रों ने इसे “आठ साल के लंबे संघर्ष की ऐतिहासिक जीत” कहा। उन्होंने बताया कि पहले तीन बार प्रतिनिधिमंडल भेजे गए थे, परन्तु प्रारम्भिक चरण में कोई समाधान नहीं निकला। फिर भी निरंतर दबाव और धरना के बाद प्रशासन ने अंततः सभी मांगें मान लीं।

भविष्य की दिशा

यदि चुनाव निर्धारित होते हैं, तो AMU में छात्र प्रतिनिधित्व को पुनर्स्थापित करने का अवसर मिलेगा। यह कदम विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को लोकतांत्रिक बनाते हुए छात्रों की आवाज़ को संस्थागत रूप से सुनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अधिक जानकारी और आधिकारिक घोषणा के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट तथा प्रेस विज्ञप्तियों पर नजर रखी जाएगी।

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