अलीगढ़ में मोबाइल खोने के बाद भी UPI ठगी से 2 लाख की चोरी, पुलिस ने FIR दर्ज की
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अलीगढ़ के महुआखेड़ा थाना क्षेत्र में एक अनोखी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। तालसपुर कलां के निवासी जयचंद्र ने 20 सितंबर को अपना मोबाइल गिरते ही सिम बंद करवाई और अगले दिन नई सिम ले ली, परन्तु उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) खाते से सात दिनों में 2,05,728 रुपये चोरी हो गए।
घटना का क्रम
जयचंद्र के अनुसार, 20 सितंबर की शाम लगभग 5 बजे उनका मोबाइल कहीं गिर गया। मोबाइल खोने का अहसास होते ही उन्होंने उसी रात 9 बजे मोबाइल कंपनी के कस्टमर केयर को कॉल करके अपना मोबाइल नंबर बंद करवा दिया। अगले दिन उन्होंने उसी नंबर की नई सिम जारी करवाई। नई सिम सक्रिय करने के बाद भी, जब उन्होंने अपने बैंक खाते का विवरण जांचा, तो उन्होंने देखा कि 20 सितंबर से 26 सितंबर के बीच लगातार विभिन्न लेनदेन के माध्यम से कुल 2,05,728 रुपये उनके खाते से निकाले जा चुके थे।
लेनदेन की विशेषताएँ
- लेनदेन UPI (Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) के माध्यम से हुए।
- पीड़ित ने बताया कि उसने कभी भी अपने मोबाइल से UPI लेनदेन नहीं किया था और उसके पास ATM/डेबिट कार्ड भी नहीं था।
- सभी ट्रांजेक्शन 20 सितंबर से 26 सितंबर के बीच हुए, जबकि नई सिम उसी रात ही सक्रिय की गई थी।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महुआखेड़ा पुलिस ने FIR दर्ज कर ली और बैंक खाते की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री व UPI आईडी डिटेल्स की जाँच शुरू कर दी। जांच में यह स्पष्ट करना है कि नई सिम सक्रिय होने के बाद भी ठग ने कैसे लेनदेन किए। संभावित परिदृश्य में शामिल हैं:
- मोबाइल गिरते ही ठग ने मोबाइल से OTP, बैंक अकाउंट डिटेल्स और SMS के माध्यम से UPI पिन जनरेट किया।
- किसी तकनीकी लूपहोल या सिम स्वैप धोखाधड़ी के माध्यम से नई सिम पर भी वही UPI प्रोफ़ाइल सक्रिय हो गई।
- पीड़ित के मोबाइल में पहले से ही UPI लिंक्ड था, और सिम बंद होने के बाद भी UPI एप्लिकेशन सक्रिय रहा।
पुलिस ने इस बात की भी पुष्टि की कि वे बैंक और भुगतान एप्लिकेशन प्रदाताओं के साथ मिलकर ठग की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं।
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साइबर ठगी से बचाव के उपाय
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि मोबाइल खोने के बाद केवल सिम बंद कराना पर्याप्त नहीं है। उपयोगकर्ताओं को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
- सिम बंद करने के साथ ही सभी ऑनलाइन भुगतान एप्लिकेशन (UPI, मोबाइल वॉलेट) को तुरंत डिएक्टिवेट करें।
- बैंक को कॉल करके अपने UPI लिंक को ब्लॉक करवाएँ और नया UPI आईडी बनवाएँ।
- यदि मोबाइल में दो‑स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) सेट है, तो उसे रीसेट करें।
- बैंक खाते के सभी लेनदेन की नियमित रूप से जाँच करें और अनधिकृत ट्रांजेक्शन पर तुरंत रिपोर्ट करें।
मुख्य बातें
- अलीगढ़ के निवासी जयचंद्र ने 20 सितंबर को मोबाइल खोने के बाद सिम बंद करवाई और नई सिम ली।
- नई सिम के बावजूद 20‑26 सितंबर के बीच उनके SBI खाते से 2,05,728 रुपये UPI के माध्यम से निकाले गए।
- पीड़ित ने कहा कि उसने कभी भी मोबाइल से UPI लेनदेन नहीं किया और उसके पास ATM/डेबिट कार्ड नहीं था।
- महुआखेड़ा पुलिस ने FIR दर्ज कर ली और बैंक व भुगतान एप्लिकेशन प्रदाताओं के साथ मिलकर ठग की पहचान की कोशिश कर रही है।
- मोबाइल खोने पर केवल सिम बंद नहीं, बल्कि सभी डिजिटल भुगतान सेवाओं को भी तुरंत बंद करना आवश्यक है।
यह मामला डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के नए रूपों को उजागर करता है। उपयोगकर्ताओं को अपने डिजिटल पहचान की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनधिकृत लेनदेन की तुरंत रिपोर्ट करनी चाहिए।




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