अखिलेश यादव का बड़ा आरोप: SIR प्रक्रिया से वोटर हटाए जा रहे हैं, बीजेपी कर रही है NRC जैसा खेल
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लखनऊ / हैदराबाद: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर सूची से वोटरों को हटाना है और इसे NRC जैसा खेल बताया है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि मतदाता नाम कटने से लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सकता है और यह BJP की राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि इससे तीन करोड़ से अधिक वोटर प्रभावित हो सकते हैं।
🔹 SIR को लेकर तीखे आरोप
अखिलेश यादव का कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान लोगों के नाम बिना स्पष्ट वजह हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने इसे NRC की तरह नागरिकता संलग्न प्रक्रिया बताया, जिससे मतदाताओं की भागीदारी पर असर पड़ेगा।
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यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और बीजेपी की साझेदारी वोट कटवाने के लिए की जा रही है।
🔹 तीन करोड़ वोटर हटने का दावा
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि SIR के कारण उत्तर प्रदेश में लगभग 3 करोड़ वोटर सूची से बाहर हो रहे हैं, खासकर उन इलाकों में जहाँ बीजेपी का प्रदर्शन कमजोर रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।
🔹 राजनीतिक बयानबाज़ी का तेज माहौल
यादव के इन आरोपों के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। सपा ने SIR प्रक्रिया को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चुनाव आयोग से जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की है।
वहीं विपक्षी दलों के खिलाफ इस तरह के आरोपों ने आगामी 2027 के चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक और विवाद खड़ा कर दिया है।




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