दिवाली पर दिल्ली, पटना और सिक्किम में फैक्ट्री, गोदाम और अस्पताल में आगजनी
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दिवाली के प्रकाश उत्सव के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में आगजनी की घटनाएं सामने आईं। दिल्ली के नजफगढ़, बिहार की राजधानी पटना और दक्षिण सिक्किम के नामची में शॉर्ट सर्किट या पटाखों की चिंगारी से फैक्ट्री, गोदाम और पुराने अस्पताल में आग लगने से लोगों में दहशत फैली।
दिल्ली में गारमेंट फैक्ट्री में आग
राजधानी के नजफगढ़ इलाके के नांगली सकरावती में स्थित एक गारमेंट फैक्ट्री में शाम लगभग 4 बजे आग लग गई। दमकल विभाग को सूचना मिलने पर 25 दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और कूलिंग ऑपरेशन चलाकर दोबारा भड़कने की आशंका को समाप्त किया गया। वर्तमान में आग के कारण और नुकसान का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
पटना में दो अलग-अलग आगजनी घटनाएं
पटना सिटी के बाईपास थाना क्षेत्र के पायजावा इलाके में स्थित कृष्णा स्टील गोदाम में आग लगने से लाखों रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान और स्टील सामग्री जल गई। दमकल विभाग की दर्जनों गाड़ियां तुरंत पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया।
इसी दिन पटना के मनेर में पटाखे की चिंगारी से एक कबाड़ की दुकान में भी आग लग गई। दुकान में लगी आग ने जल्दी ही पूरे परिसर को engulf कर लिया, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा‑तफरी मच गई। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश की।
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सिक्किम में पुराने अस्पताल में आग
दक्षिण सिक्किम के नामची में 1975 में निर्मित एक पुराना अस्पताल परिसर में देर शाम आग लग गई। यह अस्पताल 2020 तक दक्षिण और पश्चिम सिक्किम के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र रहा। 2021 में नए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन के बाद भी पुराना परिसर मौजूद था। आग की सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है कि यह घटना अचानक हुई।
मुख्य बातें
- दिल्ली, पटना और सिक्किम में शॉर्ट सर्किट या पटाखों की चिंगारी से आग लगी।
- दिल्ली की गारमेंट फैक्ट्री में 25 दमकल गाड़ियां तैनात हुईं, आग पर काबू पाया गया।
- पटना के कृष्णा स्टील गोदाम में लाखों रुपये का सामान जल गया।
- पटना के मनेर में कबाड़ की दुकान में भी आग लगने से अफरा‑तफरी हुई।
- सिक्किम के नामची में 1975 के पुराने अस्पताल में आग लगने से स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।
इन घटनाओं ने दिवाली के उत्सव के दौरान सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को दोबारा उजागर किया है। अधिकारियों ने नागरिकों से पटाखों की उचित उपयोग और इलेक्ट्रिकल उपकरणों की जांच करने की अपील की है।




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