दिवाली पर दिल्ली की हवा गंभीर प्रदूषण में, AQI 450 से ऊपर
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दिवाली के अवसर पर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हवा की गुणवत्ता अत्यंत खराब दर्ज की गई। कई स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 के पार पहुंच गया, जिससे सांस लेने में कठिनाई और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गया।
वायु गुणवत्ता के आंकड़े
सप्ताहांत की शाम को दिल्ली की हवा को “वेरी पुअर” श्रेणी में वर्गीकृत किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को दिल्ली का औसत AQI 364 से 369 के बीच रहा। विशेष रूप से कुछ क्षेत्रों में AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया:
- मुंडका – 428
- औखला – 432
- रोहिणी – 445
- आरके पुरम – 448
- जहांगीरपुरी – 450
- आईआईटी दिल्ली के आसपास – 440 से 452
- पंजाबी बाग और विवेक विहार – 450 के निकट
- इंडिया गेट के आसपास – 398
दिल्ली के 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 16 से 22 केंद्रों पर हवा को गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। धुंध और प्रदूषण के कारण दृश्यता में भी कमी आई।
जनता पर प्रभाव
खराब हवा ने लोगों की दैनिक दिनचर्या को प्रभावित किया। सुबह और शाम के समय कई नागरिकों ने मास्क पहनकर बाहर निकलना शुरू किया। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही के बीच भी हवा की स्थिति ने चिंता बढ़ा दी। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित लोगों को अधिक जोखिम का सामना करना पड़ा।
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डॉक्टरों की सलाह
डॉक्टरों ने इन समूहों को घर के अंदर रहने, बाहर निकलने से बचने और आवश्यक होने पर मास्क पहनने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गंभीर वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क से आंखों में जलन, खांसी, सांस लेने में कठिनाई और मौजूदा श्वसन समस्याओं में वृद्धि हो सकती है।
मुख्य बातें
- दिवाली के दिन दिल्ली‑एनसीआर में कई इलाकों में AQI 450 से ऊपर, “वेरी पुअर” श्रेणी।
- दिल्ली का औसत AQI रविवार को 364‑369 के बीच।
- मुंडका, औखला, रोहिणी, आरके पुरम, जहाँगीरपुरी जैसे क्षेत्रों में AQI 428‑450 दर्ज।
- CPCB के 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 16‑22 पर हवा गंभीर श्रेणी में।
- बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को घर में रहने और मास्क पहनने की सलाह।
- लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क से आंखों में जलन, खांसी और श्वसन समस्याओं में वृद्धि।
आगे की स्थिति
वर्तमान में हवा की स्थिति में सुधार के लिए कोई विशेष उपाय सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किए गए हैं। विशेषज्ञों ने नागरिकों से सतर्क रहने, वायु गुणवत्ता सूचकांक पर नजर रखने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों के प्रकट होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की है।




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