बेंगलुरु में सात परिवारिक सदस्यों की हत्या: इंदुशेखर की चौंकाने वाली कबूलियतें
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बेंगलुरु, कर्नाटक – राजधानी बेंगलुरु में एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या का मामला राज्य को हिला कर रख दिया है। आरोपी इंदुशेखर ने पुलिस पूछताछ में हत्या की साजिश, शवों को छुपाने के तरीके और अपनी नाबालिग बेटी को मानसिक रूप से शामिल करने के प्रयासों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
हत्या की क्रमबद्ध योजना
पुलिस के अनुसार, हत्याओं की श्रृंखला 16 अक्टूबर से शुरू हुई। इंदुशेखर ने सबसे पहले अपनी पत्नी के साथ शराब पीने के बाद विवाद किया और फिर उसे मार डाला। इसके बाद वह अपनी सास, माँ, बहन और दो भाई‑भतीजों को क्रमशः तीन‑चार दिन के अंतराल पर मारता गया। प्रत्येक हत्या के बाद वह पीड़ितों के शवों को प्लास्टिक और बोरियों में लपेट कर अलग‑अलग स्थानों पर फेंकता था। शवों को नंदीबेट्टा और चिक्कमगलुरु के चारमाडी घाट में फेंके जाने की सूचना मिली है।
शरीर को साफ‑सुथरा रखने की विधि
हत्याओं के बाद इंदुशेखर ने घर को रसायनों से साफ किया, ताकि खून के निशान मिट जाएँ और किसी को संदेह न हो। वह पीड़ितों के शरीर को चक्की के पत्थर से पीट‑पीटकर मारता था, जिससे मृत्यु धीरे‑धीरे होती थी।
बेटी का मानसिक प्रयोग
इंदुशेखर ने अपनी नाबालिग बेटी को “ब्रेनवॉश” कर परिवार के अन्य सदस्यों को दुश्मन बताने और उन्हें मारने के लिए उकसाया। उसने बेटी को बताया कि जब तक वे सभी जीवित रहेंगे, दोनों चैन से नहीं रह पाएंगे। पुलिस ने बेटी से भी पूछताछ शुरू कर दी है।
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शवों की गुमशुदगी का दिखावा
हत्याओं के बाद इंदुशेखर ने परिवार के मोबाइल फोन अपने पास रख लिए और रिश्तेदारों को फर्जी संदेश भेजकर बताया कि परिवार घूमने गया है और नेटवर्क समस्या है। इस तरह कई दिनों तक लोगों को गुमराह किया गया। जब पुलिस ने मोबाइल लोकेशन जांची, तो सभी फोन एक ही जगह पर मिले, जिससे संदेह बढ़ा और इंदुशेखर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस की कार्रवाई
बेंगलुरु उत्तर डिवीजन के डीसीपी के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। नाबालिग बेटी की भूमिका, हत्या के कारण और इंदुशेखर की पत्रकारिता पृष्ठभूमि को भी जांच के दायरे में रखा गया है। इंदुशेखर ने पहले पत्रकारिता की पढ़ाई की थी और कुछ समय तक पत्रकार के रूप में काम भी किया था।
मुख्य बातें
- हत्याओं की श्रृंखला 16 अक्टूबर से शुरू, प्रत्येक हत्या के बीच 3‑4 दिन का अंतर।
- शराब पार्टी के बाद विवाद, फिर क्रमशः पत्नी, सास, माँ, बहन, दो भाई‑भतीजे और बेटी की हत्या।
- शवों को प्लास्टिक, बोरियों में लपेट कर नंदीबेट्टा और चिक्कमगलुरु के चारमाडी घाट में फेंका गया।
- इंदुशेखर ने बेटी को “ब्रेनवॉश” कर परिवार के सदस्यों को दुश्मन बताने के लिए उकसाया।
- हत्याओं के बाद फर्जी संदेश भेजकर रिश्तेदारों को भ्रमित किया गया।
- पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से सभी फोन एक ही जगह पर पाए, जिससे संदेह बढ़ा।
- इंदुशेखर की पत्रकारिता पृष्ठभूमि और नाबालिग बेटी की पूछताछ भी चल रही है।
जांच अभी जारी है और पुलिस मामले की पूरी साजिश को उजागर करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।




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