महाराष्ट्र में किसान सभा का रोड मार्च रद्द, फडणवीस ने दी कई मांगों पर ठोस आश्वासन
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मुंबई के सह्याद्रि गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में दो घंटे की बैठक के बाद महाराष्ट्र में किसान सभा का रोड मार्च रद्द कर दिया गया। इस निर्णय से किसानों, खेतिहर मजदूरों, आदिवासी, कामगार, महिलाओं और श्रमिक वर्ग की कई मांगों को सरकार ने गंभीरता से सुना और कई ठोस आश्वासन प्रदान किए।
मार्च का प्रारंभ और रद्दीकरण
किसान, खेतिहर मजदूर, आदिवासी, कामगार, महिलाएँ और श्रमिक वर्ग की मांगों के समर्थन में 26 अक्टूबर को अहिल्यानगर जिले से किसान मार्च शुरू हुआ। यह मार्च इगतपुरी और कसारा घाट से होते हुए ठाणे जिले की शहापुर तहसील तक पहुंचा और मुंबई की ओर आगे बढ़ना था। लेकिन मंगलवार शाम फडणवीस के साथ हुई बैठक के बाद किसान नेताओं ने इस मार्च को वापस लेने का फैसला किया। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि किसानों की मांगें पूरी की जाएंगी।
मुख्य आश्वासन और अगले कदम
- सूखा प्रभावित किसानों को NDRF दिशानिर्देशों से अधिक सहायता प्रदान की जाएगी।
- ‘नमो शेतकरी महासम्मान निधि’ योजना की दो बकाया किश्तें जारी की जाएँगी।
- कर्ज नियमित रूप से चुकाने वाले किसानों को मिलने वाली 50,000 रुपये की प्रोत्साहन सब्सिडी को बढ़ाने की मांग पर उप‑समिति के साथ सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
- अगले साल फसल बीमा योजना में ‘ट्रिगर’ तंत्र को पुनः लागू करने की दिशा में सकारात्मक रुख दिखाया गया।
- वन भूमि, वरकस, गैरान, मंदिर‑स्वामित्व, आवासीय निर्माण और क्लास II जमीन जैसे भूमि‑संबंधी मुद्दों को सुलझाने के लिए आवश्यक कानून बनाए जाएंगे।
- ‘बाल हिरडा’ की सरकारी खरीद की निगरानी के लिए एक अध्ययन समूह बनाया जाएगा, जिसमें किसान सभा के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
- भंडारदरा बांध से आदिवासी समुदायों को पानी उपलब्ध कराने और इको‑सेंसिटिव जोन के दर्जे को रद्द करने की मांगों पर चर्चा हुई।
- 81 लाख महिलाओं को KYC न होने के कारण बाहर कर दी गई योजनाओं में पुनः शामिल किया जाएगा और KYC प्रक्रिया जारी रखी जाएगी।
- जिन लोगों ने KYC पूरा कर लिया है लेकिन मानदेय नहीं मिला, उन्हें तुरंत भुगतान शुरू किया जाएगा।
- स्कूल पोषण कार्यकर्ताओं के मासिक वेतन में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की गई।
- निर्माण श्रमिकों के लिए मेडिक्लेम योजना को फिर से शुरू किया जाएगा।
- कक्षा 1‑10 के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
- निराश्रित, बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगजनों के मानदेय बढ़ाने और ‘लाडकी बहिन’ योजना के समान आर्थिक सहायता प्रदान करने पर विचार किया जाएगा।
- PESA के तहत काम करने वाले मोबिलाइजर्स का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाएगा।
- बकाया मानदेय भुगतान तुरंत जारी किए जाएंगे।
- पार्ट‑टाइम अटेंडेंट, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम‑स्तरीय रोजगार कर्मचारियों की मांगों पर सार्थक चर्चा हुई।
आगे की कार्यवाही
बैठक में चर्चा किए गए कई मुद्दों के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए 4 नवंबर को एक और बैठक तय की गई है। यह बैठक सरकार को किसानों और अन्य वर्गों की मांगों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन करेगी।
मुख्य बातें
- किसान सभा का रोड मार्च रद्द, फडणवीस के साथ दो घंटे की बैठक के बाद।
- सूखा प्रभावित किसानों को अतिरिक्त सहायता, ‘नमो शेतकरी’ निधि की बकाया किश्तें जारी।
- प्रोत्साहन सब्सिडी बढ़ाने, फसल बीमा ‘ट्रिगर’ तंत्र पुनः लागू करने की सकारात्मक दिशा।
- भूमि‑संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए नए कानून और निर्देश।
- 81 लाख महिलाओं को KYC‑आधारित योजनाओं में पुनः शामिल करना।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के कई क्षेत्रों में वेतन, मानदेय और योजना विस्तार की घोषणा।
सरकार ने इन सभी आश्वासनों को लागू करने के लिए समय‑सीमा और निगरानी तंत्र स्थापित करने का वचन दिया है, जिससे महाराष्ट्र के किसान, श्रमिक और सामाजिक वर्गों को वास्तविक लाभ मिल सके।




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