भुवनेश्वर कुमार: भारत वापसी का पीछा नहीं, घरेलू क्रिकेट में नई दिशा
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भुवनेश्वर कुमार ने हालिया न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद एक स्पष्ट बयान दिया – उन्होंने कभी भारत वापसी का पीछा नहीं किया। तेज़ गेंदबाज ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य हमेशा क्रिकेट खेलना रहा, न कि केवल राष्ट्रीय टीम में फिर से जगह बनाना।
वापसी का सच
नवंबर 2022 के बाद पहली बार भारत की टी20 टीम में चयनित भुवनेश्वर ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दो शानदार आईपीएल सीज़न के बाद इस अवसर को पाया। वर्तमान सीरीज में उन्होंने तीन मैचों में केवल एक विकेट ही लिया, जिससे उनका प्रदर्शन महंगा साबित हुआ। फिर भी, तीसरे टी20 मैच के बाद उन्होंने कहा, “सच कहूं तो, मैंने इंडिया वापसी का पीछा नहीं किया। यह एक सपना है, लेकिन मेरा मुख्य फोकस हमेशा क्रिकेट खेलना रहा है।”
मुख्य बातें
- भुवनेश्वर ने कहा कि उन्होंने कभी भारत वापसी का लक्ष्य नहीं रखा।
- न्यूजीलैंड टी20 सीरीज में तीन मैचों में एक ही विकेट मिला।
- वापसी का श्रेय उन्होंने आईपीएल में पिछले दो सीज़न के प्रदर्शन को दिया।
- सीरीज के बाद वह विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलने के लिए उत्सुक हैं।
- अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी की उन्होंने सराहना की।
घरेलू क्रिकेट पर ध्यान
भुवनेश्वर ने बताया कि वह अब किसी बड़े लक्ष्य की बजाय मिलने वाले अवसरों का अधिकतम लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मैं बहुत आगे नहीं सोच रहा हूं, मैं जो मिल रहा है उससे खुश हूं। बेशक, मैं घरेलू क्रिकेट खेलूँगा, चाहे वह विजय हजारे ट्रॉफी हो या सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी।” इस भावना ने उन्हें सीज़न के बाद घरेलू मंच पर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
आईपीएल का प्रभाव
भुवनेश्वर ने कहा कि आईपीएल में उनके प्रदर्शन ने भारत कॉल‑अप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि स्रोत में 2025 और 2026 के आईपीएल आँकड़े उल्लेखित हैं, वे केवल संदर्भ के रूप में प्रस्तुत हैं और उनका उपयोग केवल यह दर्शाने के लिए किया गया है कि आईपीएल ने उनके करियर को पुनर्जीवित किया।
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बल्लेबाजों की नई ऊर्जा
भुवनेश्वर ने युवा ओपनर अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “अभिषेक ने पहले छह ओवरों में दबाव बनाकर खेल समाप्त करने की कौशल दिखायी है, जो टी20 में बहुत महत्वपूर्ण है।” यह टिप्पणी भारतीय टीम में नई बैटिंग ऊर्जा को उजागर करती है।
भुवनेश्वर कुमार का यह बयान यह स्पष्ट करता है कि उनका फोकस अब राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने से अधिक घरेलू मंच पर निरंतर प्रदर्शन और अवसरों का अधिकतम उपयोग करने पर है। उनके शब्दों से यह भी पता चलता है कि वह अपने खेल को लेकर संतुष्ट हैं और भविष्य में भी भारतीय क्रिकेट के विभिन्न स्तरों पर योगदान देना चाहते हैं।




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