फ्लाईदुबई के को‑पायलट का 10 साल पुराना आतंकी कनेक्शन उजागर, यूएई जांच में नई जानकारी
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की विस्तृत जांच ने फ्लाईदुबई के एक को‑पायलट के आतंकवादी जुड़ाव के बारे में नई जानकारी सामने लाई है। 29‑वर्षीय ओमानी पायलट, जो 2026 में फ्लाईदुबई में शामिल हुआ, ने इज़राइल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन हवाई अड्डे पर 9/11‑शैली का हमला करने की योजना बनाई थी। इस योजना को विमान में 170 से अधिक यात्रियों, जिनमें अधिकांश इज़राइली थे, के खिलाफ लागू करने की कोशिश की गई, परंतु कैप्टन स्मित मछार की त्वरित कार्रवाई से हमलावर को रोक दिया गया।
आतंकवादी विचारों का उद्भव: ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान
UAE के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल‑शम्सी के अनुसार, को‑पायलट ने लगभग दस साल पहले ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होना शुरू किया। न्यूयॉर्क टाइम्स के रिपोर्ट के अनुसार, वह 2015‑2017 के बीच मेलबर्न के रॉयल मेलबर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (RMIT) में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन डिग्री पूरी नहीं कर पाया। इस दौरान उसने आत्मघाती हमलों और आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने वाली किताबें और ऑनलाइन सामग्री देखना शुरू किया।
कट्टरपंथी सामग्री और विचारधारा
- मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े समूहों की प्रशंसा
- 9/11 हमलों की प्रशंसा और दोहराने की इच्छा
- तकफीर (धर्म से बाहर) विचारधारा, जिसमें एक मुसलमान दूसरे को ‘काफ़िर’ घोषित कर सकता है
हवाई अड्डे पर हमला करने की योजना
जांचकर्ताओं ने बताया कि को‑पायलट ने अपने पायलट बनने के फैसले को इस योजना से जोड़ा। वह जनवरी 2026 में फ्लाईदुबई में शामिल हुआ, इससे पहले ओमान एयर और मोरक्को की रॉयल एयर मारोक में चार साल तक काम किया था। उसने तेल अवीव की दो उड़ानों के मार्ग की जानकारी इकट्ठा की और बॉक्सिंग का अभ्यास भी किया, जिससे शारीरिक शक्ति बढ़ी।
विमान में हमला
- को‑पायलट ने कॉकपिट में प्रवेश कर कैप्टन स्मित मछार पर कुल्हाड़ी से हमला किया।
- कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों को हमलावर को पकड़ने का मौका मिला।
- दूसरे पायलटों ने विमान को नियंत्रित कर सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग करवाई।
सुरक्षा जांच में चूक
UAE के अनुसार, पायलट ने नौकरी से पहले सभी आवश्यक सुरक्षा जांच पास की थीं और एक ‘अच्छे आचरण’ का प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किया था। हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि ओमान के अधिकारियों ने पहले ही उसके कट्टरपंथी विचारों की जांच कर ली थी, फिर भी उसे संवेदनशील रूट पर उड़ाने की अनुमति दी गई। यह सवाल उठाता है कि अंतरराष्ट्रीय एयरोनॉटिकल सुरक्षा प्रक्रियाओं में कहाँ कमी रही।
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मुख्य बातें
- को‑पायलट ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान कट्टरपंथी विचार अपनाए।
- वह इज़राइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर 9/11‑शैली का हमला करने की योजना बना रहा था।
- फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल कर हमलावर को रोक दिया।
- विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई।
- सुरक्षा जांच में पायलट के कट्टरपंथी विचारों का पता नहीं चल सका, जिससे एयरोनॉटिकल सुरक्षा पर सवाल उठे।
भविष्य की सुरक्षा चुनौतियाँ
यह घटना अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा की सुरक्षा में नई चुनौतियों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पायलटों की पृष्ठभूमि जांच को और अधिक कठोर बनाना, ऑनलाइन सामग्री की निगरानी को सुदृढ़ करना और अंतर‑देशीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचना‑साझाकरण को तेज़ करना आवश्यक है। साथ ही, एयरलाइन कंपनियों को कर्मचारियों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य और विचारधारा पर निरंतर निगरानी रखने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।




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