सोने-चांदी की कीमतों में दो दिन में जबरदस्त उछाल, गोल्ड ₹4,600 महंगा
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सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दो कारोबारी सत्रों में तेज़ी देखी गई। दिल्ली में सोना 1,900 रुपये बढ़कर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 4,500 रुपये बढ़कर 2,28,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस उछाल के पीछे अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का बड़ा हाथ है।
मुख्य बातें
- सोने की कीमत दो दिनों में कुल ₹4,600 (3.07%) बढ़ी, 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंची।
- चांदी की कीमत दो दिनों में ₹1,500 (लगभग 1%) बढ़ी, 2,28,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंची।
- अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और तेल की कीमतों में गिरावट ने कीमती धातुओं को समर्थन दिया।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,181.98 प्रति औंस (+1.17%) और चांदी $60.32 प्रति औंस (+2%) पर ट्रेड कर रहा है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकालिक रूप से कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं, पर तेल की कीमतों में अचानक उछाल जोखिम बढ़ा सकता है।
दिल्ली में सोने-चांदी की कीमतें
अखिल भारतीय सराफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, 99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमत शुक्रवार को 1,900 रुपये बढ़कर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। सभी टैक्स शामिल हैं। गुरुवार को सोने का भाव 1,52,500 रुपये था। चांदी की कीमत भी 4,500 रुपये बढ़कर 2,28,500 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई, जिसमें टैक्स शामिल हैं। गुरुवार को चांदी का भाव 3,000 रुपये गिरा था।
दो दिन में कुल उछाल
पिछले दो कारोबारी सत्रों में सोने की कीमत कुल ₹4,600 यानी 3.07% बढ़ी। चांदी की कीमत दो दिनों में लगभग ₹1,500 यानी 1% बढ़ी। यह उछाल इस सप्ताह के पहले के उतार-चढ़ाव के बाद आया है, जब कीमतें स्थिर या हल्की गिरावट की ओर थीं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने को समर्थन दिया। मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि डॉलर की कमजोरी और तेल की कीमतों में गिरावट के कारण सोने की कीमतें 48.35 डॉलर प्रति औंस (+1.17%) तक पहुंच गईं। चांदी का भाव 60.32 डॉलर प्रति औंस (+2%) पर रहा, जो पिछले तीन महीनों के निचले स्तर से ऊपर है।
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भविष्य की संभावनाएं
प्रवीण सिंह का अनुमान है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में रह सकती हैं, पर हल्की तेजी का रुझान बना रह सकता है। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव और तेल की कीमतों में अचानक उछाल सोने के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक घटनाएँ कब और कैसे बदलती हैं।
निवेशकों के लिए सुझाव
कीमती धातुओं में निवेश करने वाले निवेशकों को वर्तमान बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए पोर्टफोलियो में विविधता लाने की सलाह दी जाती है। डॉलर की दिशा, तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक जोखिमों को लगातार मॉनिटर करना आवश्यक है।
सोने-चांदी की कीमतों में इस तेज़ी ने निवेशकों के बीच कीमती धातुओं को सुरक्षित आश्रय मानने की प्रवृत्ति को फिर से उजागर किया है। बाजार की दिशा को समझने के लिए अंतरराष्ट्रीय संकेतकों और घरेलू आर्थिक कारकों दोनों पर नज़र रखना आवश्यक होगा।




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