शी जिनपिंग की टीम में बड़े सफाई: चार साल में 30% शीर्ष अधिकारी हटे
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चीन की राजनीति में हालिया सफाई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें चीन की शीर्ष नेतृत्व पर केंद्रित कर दी हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की टीम के कई बड़े अधिकारी, जिनमें कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख नेता और सेना के उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हैं, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के आरोपों के तहत पद से हटाए गए हैं। यह सफाई 2022 में चुनी गई 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के तीन सदस्य और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के सात शुरुआती सदस्यों में से पाँच को प्रभावित करती है, जो 1980 के बाद सबसे बड़ी एक टर्म में हटाए गए सदस्यों की संख्या है।
पोलित ब्यूरो में बदलाव
यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख के शोधकर्ता जीन क्रिस्टोफर मिटेलस्टेड के अनुसार, 2022 में चुने गए चीन के 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो में से तीन सदस्य अब नहीं रहे। यह संख्या 1980 के बाद किसी भी टर्म में हटाए गए सदस्यों की सबसे बड़ी संख्या दर्शाती है। पोलित ब्यूरो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का शीर्ष नेतृत्व समूह है, जो राष्ट्रीय नीतियों और पार्टी के दिशा-निर्देशों को निर्धारित करता है।
मुख्य बातें
- 2022 में चुने गए 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो में से 3 सदस्य हटे।
- यह 1980 के बाद सबसे बड़ी एक टर्म में हटाए गए सदस्यों की संख्या है।
- सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के 7 शुरुआती सदस्यों में से 5 हटे।
- एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट का अनुमान है कि केवल 77.4% सदस्य आगामी बैठक में भाग ले पाएंगे।
सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में बड़े बदलाव
चीन की सबसे बड़ी सैन्य कमान संस्था, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी), ने भी बड़े स्तर पर सफाई देखी है। शुरुआती सात सदस्यों में से पाँच को हटाया गया, जिससे लगभग एक चौथाई सदस्य अब समूह का हिस्सा नहीं रहे। एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के अनुमान के अनुसार, 2022 में चुने गए नेतृत्व समूह के केवल 77.4% सदस्य ही आगामी बैठक में उपस्थित हो पाएंगे। यह बदलाव चीन की सैन्य व्यवस्था और रणनीतिक दिशा पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।
भ्रष्टाचार के आरोप और कार्रवाई की सीमा
शी जिनपिंग ने लंबे समय से भ्रष्टाचार रोकने के नाम पर पार्टी और सरकारी व्यवस्था में जांच अभियान चलाए हैं। इस बार की सफाई में पोलित ब्यूरो के दो प्रमुख सदस्य—झांग यूशिया और मा शिंगरुई—पर भी भ्रष्टाचार और पार्टी अनुशासन से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इन अधिकारियों को हटाने का निर्णय शी जिनपिंग की नेतृत्व व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि ये सभी 2022 में उनके तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में चुने गए थे।
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राजनीतिक और सैन्य प्रभाव
इन बड़े अधिकारियों की हटाने से चीन की राजनीति में हलचल मची है। पोलित ब्यूरो और सीएमसी दोनों में प्रमुख बदलाव होने से पार्टी के निर्णय‑निर्माण प्रक्रिया, सैन्य रणनीति और अंतरराष्ट्रीय नीति पर संभावित परिवर्तन की संभावना बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी बैठक में माओ के बाद के दौर में सबसे कम सदस्य उपस्थित हो सकते हैं, जो पिछले साल अक्टूबर में दर्ज 168 पूर्ण सदस्यों और 147 वैकल्पिक सदस्यों से भी नीचे जा सकता है।
भविष्य की संभावनाएँ
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नई नहीं है, परन्तु इस बार की सफाई का दायरा और स्तर पहले नहीं देखा गया। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो शी जिनपिंग की टीम में नई नियुक्तियों और पुनर्गठन की संभावना बढ़ेगी, जिससे चीन की आंतरिक राजनीति और विदेश नीति दोनों में बदलाव आ सकता है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इस बात की निगरानी कर रहे हैं कि यह सफाई चीन की आर्थिक विकास, विदेशी निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीतियों को कैसे प्रभावित करेगी।




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