विपक्षी महारैली के कारण खादी दिवाली फेस्ट-2026 में खरीदारों की कमी, व्यापारियों को नुकसान
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दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की महारैली ने इस साल के खादी दिवाली फेस्ट-2026 को प्रभावित किया। 20% तक की छूट के बावजूद कनॉट प्लेस के खादी स्टॉल पर खरीदारों की कमी ने स्थानीय कारीगरों को नुकसान पहुंचाया।
विपक्षी महारैली का प्रभाव
रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी दलों की बड़ी रैली ने त्योहारी सीजन में आमतौर पर भीड़भाड़ वाले कनॉट प्लेस को खाली कर दिया। खादी ग्रामोद्योग के सीईओ मनोज कुमार ने बताया कि रैली के कारण कई संभावित खरीदार, चाहे वे दिल्ली के बाहर से हों या स्थानीय, स्टॉल तक नहीं पहुँच पाए।
खादी दिवाली फेस्ट-2026 की थीम और छूट
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ‘खादी दिवाली फेस्ट-2026’ का आयोजन किया। यह मेला एनडीएमसी पालिका पार्क में रीगल सिनेमा के सामने लगाया गया था और थीम ‘खादी वाली दिवाली’ रखी गई। इस अवसर पर खादी उत्पादों पर 20% तक की छूट दी गई थी, परंतु खरीदारों की अनुपस्थिति के कारण इस छूट का लाभ नहीं उठाया जा सका।
ग्रामीण कारीगरों को आर्थिक नुकसान
मनोज कुमार ने कहा कि खादी के उत्पाद मुख्यतः ग्रामीण परिवेश के कारीगरों द्वारा तैयार किए जाते हैं और इन्हें आम जनता के बीच बेचा जाता है। रैली के कारण खरीदारों की कमी ने इन कारीगरों की आय पर सीधा असर डाला। उन्होंने बताया कि एक नवंबर को होने वाली रैली के पहले ही व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ था, जिससे खरीदारों ने दूरी बना ली।
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मुख्य बातें
- विपक्षी महारैली ने रामलीला मैदान के आसपास के व्यापारिक माहौल को प्रभावित किया।
- कनॉट प्लेस में आयोजित खादी दिवाली फेस्ट-2026 में 20% तक की छूट के बावजूद खरीदारों की भारी कमी रही।
- ग्रामीण कारीगरों को आर्थिक नुकसान हुआ, क्योंकि उनके उत्पादों की बिक्री में गिरावट आई।
- खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने ‘हर घर स्वदेशी’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए इस फेस्टिवल का आयोजन किया।
आगे की संभावनाएँ
व्यापारियों ने आशा जताई है कि भविष्य में राजनीतिक कार्यक्रमों और व्यावसायिक आयोजनों के समय-सारणी को बेहतर समन्वयित किया जाएगा, ताकि स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यवसायों को अनावश्यक नुकसान न हो।




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