मनरेगा की जगह VB-G RAM G बिल: मोदी सरकार का बड़ा बदलाव, क्या मिलेगा ग्रामीणों को?
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नई दिल्ली: सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के स्थान पर एक नई ग्रामीण रोजगार नीति पेश करने का निर्णय लिया है। संसद के शीतकालीन सत्र में “Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin)” (VB-G RAM G) बिल, 2025 को पेश किया गया है, जिसे मनरेगा की जगह लागू किया जाना है।
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 125 दिनों तक मजदूरी-आधारित रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जो वर्तमान मनरेगा की 100 दिन की गारंटी से अधिक है। इसके साथ-साथ रोजगार के ढाँचे और वित्तीय व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
VB-G RAM G योजना में मुख्य बदलाव
VB-G RAM G बिल में कई प्रमुख परिवर्तन प्रस्तावित हैं:
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125 दिन की रोजगार गारंटी
बिल के अनुसार, हर ग्रामीण परिवार के उन वयस्क सदस्यों को जो कम स्किल वाले शारीरिक काम के लिए तैयार हों, प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों तक नौकरी की कानूनी गारंटी मिलेगी। यह मनरेगा की 100 दिन की तुलना में 25 दिन अधिक है।
कम योगदान का नए वित्तीय ढांचा
पूर्व में मनरेगा में केंद्र सरकार 100% मजदूरी का भुगतान करती थी, लेकिन नए VB-G RAM G में केंद्र और राज्यों द्वारा 60:40 फंडिंग साझा करने का प्रस्ताव है (पूर्वोत्तर-हिमालय क्षेत्र में 90:10 रहेगा)। इससे योजना की वित्तीय जिम्मेदारी राज्यों को भी साझा करनी होगी।
किसानों के लिए ब्रेक अवधि
VB-G RAM G योजना में कृषि के महत्वपूर्ण सीज़न के दौरान रोजगार को 60 दिन के लिए अस्थायी रूप से रोका जा सकता है, ताकि श्रमिक खेतों में काम कर सकें।
चार प्रमुख रोजगार श्रेणियाँ
नए बिल में रोजगार विभाजन चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:
जल सुरक्षा कार्य
ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण
आजीविका सम्बंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर
आपदा-रोधी निर्माण कार्य
इनसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था व जीवनस्तर दोनों का विकास लक्ष्य रखा गया है।




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