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उप-राज्य में 3 महीने में पंचायत चुनाव: ओम प्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 15 Oct 2026• अपडेट 15 Oct 2026
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उप-राज्य में 3 महीने में पंचायत चुनाव: ओम प्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया
इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर यूपी के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आदेश का अध्ययन किए बिना टिप्पणी करना उचित नहीं, और सभी कानूनी एवं संवैधानिक पहलुओं…

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया है। इस आदेश पर उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने न्यायपालिका के प्रति सम्मान और आदेश का अध्ययन करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

हाई कोर्ट का आदेश

हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद शामिल हैं, ने राज्य को तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव करवाने का निर्देश दिया। साथ ही, ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्य जारी रखने की अनुमति भी दी गई। यह आदेश कई याचिकाओं के बाद सुनवाई के बाद जारी किया गया, जिनमें मुख्य बेंच और लखनऊ बेंच दोनों ने भाग लिया।

राजभा‍र की प्रतिक्रिया

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा सम्मान और विश्वास है, और कोर्ट के निर्णय का सम्मान करना सभी का दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अभी तक कोर्ट का आदेश पढ़ा नहीं है, इसलिए आदेश का अध्ययन किए बिना कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

राजभा‍र ने आगे कहा कि पंचायत चुनाव एक महत्वपूर्ण विषय है और इसके सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। आदेश का विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी, और जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।

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सरकार की पूर्व दलीलें

राज्य सरकार ने पहले चुनाव टालने की दलील दी थी, जिसमें उन्होंने परिसीमन (delimitation) प्रक्रिया का हवाला दिया था। 25 और 26 मई को जारी किए गए आदेशों में चुनाव टालने और ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में काम जारी रखने की अनुमति दी गई थी, और इसके लिए यूपी पंचायत राज एक्ट, 1947 की धारा 12(3‑A) का हवाला दिया गया था।

हालांकि, हाई कोर्ट ने यह तर्क खारिज किया कि 2000 में प्रेम लाल पटेल मामले में इस धारा को असंवैधानिक घोषित किया गया था, क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 243E और 243K का उल्लंघन करता है।

आगे की राह

राजभा‍र ने कहा कि इस दौरान विधानसभा चुनाव, जनगणना और यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी होंगी, इसलिए इन सभी कारकों को ध्यान में रखकर उचित कदम उठाए जाएंगे। न्यायालय के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों का पूरा सम्मान करते हुए ही राज्य की दिशा तय होगी।

मुख्य बातें

  • इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में 3 महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया।
  • ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्य जारी रखने की अनुमति भी कोर्ट ने दी।
  • पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आदेश का अध्ययन किए बिना टिप्पणी न करने की बात कही।
  • राज्य सरकार ने पहले चुनाव टालने की दलील दी थी, लेकिन कोर्ट ने इसे असंवैधानिक माना।
  • आगामी विधानसभा चुनाव, जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं को भी ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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