अमेरिका में बुजुर्गों की ‘हाउस‑रिच, कैश‑पुअर’ स्थिति: 1 करोड़ सीनियर सिटीजन गरीबी में
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अमेरिका में बुजुर्गों की आर्थिक स्थिति में एक चौंकाने वाला विरोधाभास उभरा है। ‘हाउस‑रिच, कैश‑पुअर’ (House‑Rich, Cash‑Poor) नामक स्थिति के तहत लगभग 1 करोड़ 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन महंगे घरों के मालिक होते हुए भी गरीबी में जी रहे हैं। इस लेख में इस समस्या के आँकड़े, कारण और संभावित समाधान पर प्रकाश डाला गया है।
मुख्य आँकड़े
- 2025 में सप्लीमेंटल पॉवर्टी मेज़र (SPM) के तहत 65+ उम्र के लगभग 1 करोड़ अमेरिकी गरीबी में हैं, जो 15.4% की दर दर्शाता है।
- सरकारी आधिकारिक गरीबी मापदंड के अनुसार वही आयु वर्ग में 9.8% (लगभग 64 लाख) लोग गरीबी में थे।
- अकेले रहने वाले बुजुर्गों में 53% और बुजुर्ग जोड़ों में 25% की आय बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है।
- मॉर्गेज वाले अकेले बुजुर्गों के लिए आवश्यक आय 2022 में $36,300 से बढ़कर 2025 में $39,396 हो गई; बिना मॉर्गेज वाले घर‑मालिकों के खर्चों में 14% की वृद्धि हुई।
- 2019‑2025 के बीच प्रॉपर्टी टैक्स में 31% और औसत मासिक बीमा प्रीमियम में 72% की बढ़ोतरी हुई।
- 2023 में 65+ उम्र के 58% किराएदार परिवार (लगभग 45 लाख) घर के खर्च से दबाव में हैं।
‘हाउस‑रिच, कैश‑पुअर’ का अर्थ
रियल्टर.com के सीनियर इकोनॉमिस्ट जोएल बर्नर के अनुसार, घर की संपत्ति (हाउसिंग वेल्थ) अक्सर ‘इल्लिक्विड’ होती है – इसे नकदी में बदलने के लिए घर बेचना या लोन लेना आवश्यक है। जब तक ऐसा नहीं होता, बुजुर्गों के पास किराने, यूटिलिटी बिल या मेडिकल खर्चों के लिए पर्याप्त नकदी नहीं होती। इस कारण वे घर‑मालिक होते हुए भी दैनिक खर्चों को पूरा नहीं कर पाते।
आर्थिक दबाव के प्रमुख कारण
- मेडिकल खर्च: SPM में मेडिकल खर्च शामिल होते हैं, जिससे मेडिकेयर के बावजूद बुजुर्गों को बड़ी जेब‑से‑बाहर खर्च उठाने पड़ते हैं।
- हाउसिंग खर्च: प्रॉपर्टी टैक्स, बीमा प्रीमियम और रख‑रखाव लागत में तेज़ी से वृद्धि।
- लॉन्ग‑टर्म‑केयर: दीर्घकालिक देखभाल के अचानक बढ़ते खर्चों के कारण कई बुजुर्ग अपनी होम इक्विटी का उपयोग करते हैं।
- रिटायरमेंट इनकम की कमी: कई बुजुर्गों की पेंशन या सामाजिक सुरक्षा से मिलने वाली आय बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं।
घर‑इक्विटी का उपयोग और उसके परिणाम
बोस्टन कॉलेज के सेंटर फ़ॉर रिटायरमेंट रिसर्च के अनुसार, शुरुआती निवेश योग्य संपत्ति $100,000 से अधिक वाले 40% से अधिक बुजुर्ग रिटायरमेंट के दौरान अपनी होम इक्विटी का उपयोग करते हैं – या तो रिवर्स मॉर्गेज, लोन या छोटे घर में स्थानांतरित होकर। हालांकि, छोटे, सस्ते घर (स्टार्टर होम) की सप्लाई कम होने के कारण यह विकल्प सीमित रहता है।
वारिसों पर प्रभाव
सेरुली एसोसिएट्स का अनुमान है कि 2048 तक $124 ट्रिलियन की संपत्ति अगली पीढ़ी को हस्तांतरित होगी, जिसमें से $105 ट्रिलियन केवल 2% अत्यधिक नेट‑वर्थ वाले परिवारों से आएगी। अधिकांश बुजुर्गों के लिए बढ़ते हाउसिंग खर्च और स्वास्थ्य खर्चों के कारण संपत्ति का कुछ हिस्सा पहले ही खर्च करना पड़ सकता है, जिससे वारिसों को मिलने वाली संपत्ति घटती है।
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समाधान एवं नीति सुझाव
रिचर्ड जॉनसन, AARP पब्लिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट के वाइस प्रेसिडेंट, का मानना है कि बढ़ती लागत को कम करने के लिए नीतियों में बदलाव आवश्यक है:
- रिवर्स मॉर्गेज और होम इक्विटी लोन की आसान पहुँच।
- सस्ती स्वास्थ्य देखभाल और दीर्घकालिक देखभाल के लिए सार्वजनिक समर्थन।
- प्रॉपर्टी टैक्स और बीमा प्रीमियम में वृद्धियों को सीमित करने के लिए नियामक उपाय।
- बुजुर्गों के लिए सस्ते, छोटे घरों की आपूर्ति बढ़ाने हेतु निर्माण नीतियों में सुधार।
निष्कर्ष
‘हाउस‑रिच, कैश‑पुअर’ की स्थिति यह दर्शाती है कि संपत्ति का स्वामित्व ही आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं है। घर‑संबंधी खर्चों में तेज़ी से वृद्धि, स्वास्थ्य खर्च और सीमित नकदी प्रवाह बुजुर्गों को गरीबी की ओर धकेल रहे हैं। इस समस्या को हल करने के लिए न केवल व्यक्तिगत वित्तीय योजना, बल्कि सरकारी नीतियों में व्यापक सुधार आवश्यक है।




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