अमेरिका के केश्म द्वीप पर हमले से कच्चे तेल की कीमतों में फिर उछाल
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अमेरिका द्वारा ईरान के केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर किए गए हमले की खबर के बाद एशियाई बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी देखी गई। इस कदम ने मध्य‑पूर्व से तेल की आपूर्ति में संभावित रुकावट की चिंता को फिर से बढ़ा दिया, जिससे वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता का माहौल बन गया।
बाजार में कीमतों का उछाल
मंगलवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे ब्रेंट क्रूड वायदा 1.57 % बढ़कर 106.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। उसी समय अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.66 % की बढ़त के साथ 98.06 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। यह उछाल पिछले दिन की गिरावट के बाद आया, जब ब्रेंट क्रूड 104.77 डॉलर पर बंद हुआ था।
केश्म द्वीप पर हमले का कारण
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने इस कार्रवाई को “बचाव” के रूप में बताया। उनका कहना है कि हमला ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों पर हमला करने की छूट से रोकने के लिए किया गया। इस जलडमरूमध्य से विश्व की कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की लगभग 20 % आपूर्ति होती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रभाव
फरवरी के अंत में शुरू हुई अमेरिका‑ईरान की टकराव के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाज़ाही में उल्लेखनीय कमी आई है। इस मार्ग से गुजरने वाली आपूर्ति का हिस्सा वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और किसी भी व्यवधान से कीमतों में तेज़ी आ सकती है। अक्टूबर के अंत में ब्रेंट क्रूड ने छह महीने के उच्चतम स्तर को छुआ था, और इस बार भी बाजार को इस बात की आशंका है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) के बाद तनाव और बढ़ सकता है।
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शांति वार्ता और राजनीतिक दबाव
केश्म द्वीप पर हमले के साथ-साथ ईरान‑अमेरिका के बीच वार्ता भी जारी है। तेहरान ने बताया कि कतर के मध्यस्थों के साथ कई दिनों तक बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोज़तबा खामेनेई ने शांति वार्ता के लिए सरकार को अधिकार प्रदान किए हैं।
अमेरिका में महंगे पेट्रोल की वजह से मतदाताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, और इस कारण ट्रम्प प्रशासन पर ईरान के साथ संघर्ष को समाप्त करने का दबाव है। ट्रम्प ने सोमवार को इस बात पर संदेह जताया कि क्या वह ईरान पर फिर से सैन्य हमले की धमकी को लागू करेंगे, और उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ समझौता संभव है।
अमेरिका के अन्य कूटनीतिक कदम
मध्य‑पूर्व के तनाव के अलावा, अमेरिका ने 10‑11 नवंबर को अबू धाबी में यूक्रेन‑रूस प्रतिनिधिमंडलों को एक साथ लाने की योजना बनाई है। इस बैठक में मॉस्को‑यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने, सुरक्षा समझौतों और तनाव कम करने पर चर्चा होगी।
मुख्य बातें
- अमेरिका ने ईरान के केश्म द्वीप पर हमला किया, जिससे तेल की आपूर्ति में रुकावट की आशंका बढ़ी।
- ब्रेंट क्रूड 1.57 % बढ़कर 106.45 डॉलर, WTI 1.66 % बढ़कर 98.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा।
- होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व की लगभग 20 % तेल‑गैस सप्लाई होती है; किसी भी व्यवधान से कीमतें तेज़ी से बढ़ सकती हैं।
- ईरान‑अमेरिका के बीच वार्ता जारी है, लेकिन अभी तक ठोस परिणाम नहीं मिला।
- अमेरिका मध्यावधि चुनावों के बाद मध्य‑पूर्व में तनाव बढ़ने की संभावना को लेकर सतर्क है।
कच्चे तेल की कीमतों में इस उछाल ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को फिर से उजागर किया है, और निवेशकों को आगे के विकास पर नज़र रखने की आवश्यकता होगी।




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