दिवाली से पहले यूपी में मिठाइयों और नमकीन पर FSDA की कड़ी छापेमारी: 38 जिलों में 260 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
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दिवाली के उत्सव से पहले उत्तर प्रदेश में मिठाई और नमकीन की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने “शुद्ध ही शुभ है” अभियान तेज़ किया। 38 जिलों में 260 प्रतिष्ठानों की जाँच के बाद 229 सुधार सूचनाएँ, 15 लाइसेंस निलंबन की सिफ़ारिश और 7,660 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।
कैसे हुई व्यापक छापेमारी
FSDA की टीमों ने 260 मिठाई‑नमकीन निर्माताओं और विक्रेताओं के 303 नमूने लिये। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर अस्वच्छ भंडारण, कीट‑कीड़े, गंदगी और दस्तावेज़ी कमियों का पता चला। जहाँ कुछ प्रतिष्ठानों में चूहे घूमते मिले, वहीं कुछ में पनीर में स्टार्च मिलाने जैसी अनैतिक प्रथा उजागर हुई।
मुख्य उल्लंघन और कार्रवाई
- रायबरेली – सागर जी परफेक्ट शॉप, न्यू नरेश स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट: खुले में रखी मिठाइयाँ, कीड़े‑कीट, खराब ड्रेनेज, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र की अनुपस्थिति। लाइसेंस निलंबन की सिफ़ारिश।
- कानपुर देहात – पंचवटी स्वीट हाउस: फ्रिज में गंदगी, अस्वच्छ निर्माण स्थल।
- अमरोहा – अनीश पनीर निर्माणशाला: पनीर में स्टार्च मिलाना, भंडारण में साफ‑सफाई की कमी। पनीर नष्ट कर लाइसेंस निलंबन की सिफ़ारिश।
- सीतापुर – राजस्थानी स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट, सांवरिया स्वीट्स: चूहे, गंदे फर्श, असुरक्षित अलमारियाँ। लाइसेंस निलंबन।
- शामली – संगल स्वीट्स: खाद्य सामग्री फर्श पर रखी, गंदे कपड़ों से ढकी। लाइसेंस निलंबन।
- हाथरस – शंकर स्वीट्स: बिना लाइसेंस संचालन, तत्काल बंद।
- फिरोजाबाद – ढोकला हाउस: इमारत की जर्जर स्थिति, साफ‑सफाई की कमी, लाइसेंस निलंबन की सिफ़ारिश।
जब्त किए गए खाद्य पदार्थ और आर्थिक प्रभाव
जांच के दौरान कुल 7,660 किलोग्राम मिठाई, नमकीन और पनीर जब्त या नष्ट किए गए। इनकी अनुमानित कीमत 15.40 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। यह कदम न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा बल्कि अस्वस्थ व्यापारिक प्रथाओं को रोकने के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया।
FSDA की जांच में किन पहलुओं को देखा गया
टीम ने केवल उत्पाद की शुद्धता ही नहीं, बल्कि निर्माण प्रक्रिया, कच्चे माल, खाद्य तेल, रंग, भंडारण, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, कीट‑नियंत्रण, पेयजल की गुणवत्ता और पैकेजिंग पर भी विस्तृत जांच की।
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मुख्य बातें
- 38 जिलों में 260 मिठाई‑नमकीन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण।
- 229 सुधार सूचनाएँ जारी, 15 लाइसेंस निलंबन की सिफ़ारिश।
- 7,660 किलोग्राम खाद्य पदार्थों की जब्ती, अनुमानित मूल्य 15.40 लाख रुपये।
- रायबरेली, कानपुर, अमरोहा, सीतापुर, शामली, हाथरस, फिरोजाबाद सहित कई जिलों में गंभीर स्वच्छता उल्लंघन पाए गए।
- FSDA ने व्यापारियों को साफ‑सफाई, सुरक्षित कच्चे माल, वैध लाइसेंस और स्वास्थ्य प्रमाणपत्र रखने का संदेश दिया।
उपभोक्ताओं के लिए क्या अर्थ है?
दिवाली के दौरान मिठाइयों की मांग में वृद्धि होती है, इसलिए इस समय में खाद्य सुरक्षा की निगरानी विशेष रूप से आवश्यक है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे लाइसेंस‑धारक, साफ‑सुथरे प्रतिष्ठानों से ही खरीदारी करें और किसी भी अस्वच्छ या संदिग्ध दिखने वाले उत्पाद से बचें।
आगे की दिशा
FSDA ने कहा कि “शुद्ध ही शुभ है” अभियान के तहत निरंतर निगरानी जारी रहेगी। उल्लंघन करने वाले व्यापारियों को कड़ी सजा दी जाएगी और वैध व्यापारियों को स्वच्छता मानकों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कदम उपभोक्ता विश्वास को पुनर्स्थापित करने और त्योहारों के दौरान खाद्य‑सुरक्षा जोखिम को न्यूनतम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।




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