UP विधानसभा चुनाव 2027: कांग्रेस ने सपा को 172 सीटों की शुरुआती लिस्ट सौंपी, तालमेल की दिशा में क्या कदम
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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच सीट शेयरिंग पर बातचीत तेज हो गई है। कांग्रेस ने सपा को 172 सीटों की एक शुरुआती लिस्ट सौंपी, जिसे चार कैटेगरी (A, B, C, D) में विभाजित किया गया है। इस कदम से दोनों पार्टियों के बीच तालमेल की संभावनाएँ और रणनीतिक बदलाव सामने आ रहे हैं।
सीट शेयरिंग की शुरुआती लिस्ट
कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सपा को लगभग 172 सीटों की एक प्रारम्भिक सूची प्रदान की है। इस सूची को चार वर्गों में बाँटा गया है:
- A कैटेगरी – ये सीटें लगभग तय हैं और इनमें बदलाव की संभावना नहीं है।
- B कैटेगरी – इन सीटों में थोड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन मूल रूप से कांग्रेस की प्राथमिकता बनी रहती है।
- C कैटेगरी – इन सीटों पर पूरी तरह से बातचीत की जा सकती है।
- D कैटेगरी – इन सीटों पर भी विस्तृत चर्चा और पुनर्विचार संभव है।
कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस ने कहा है कि वे किसी एक निश्चित संख्या पर अड़े नहीं हैं, बल्कि एक सम्मानजनक हिस्सेदारी चाहते हैं। उनका मुख्य लक्ष्य भाजपा को हराना है, और इसके लिए आवश्यक समझे जाने वाले किसी भी त्याग पर विचार किया जाएगा।
सपा की स्थिति
समाजवादी पार्टी के सूत्रों का मानना है कि केवल सीटों की संख्या नहीं, बल्कि जीतने की क्षमता अधिक महत्वपूर्ण है। सपा के कुछ प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कांग्रेस को 50‑60 सीटें देने के पक्ष में हैं, जबकि कांग्रेस एक संतुलित और सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग कर रही है।
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प्रियंका गांधी की भूमिका
कांग्रेस की इस रणनीति और लिस्ट की तैयारी में प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रिय निगरानी है। उन्होंने राज्य के नेताओं के साथ कई बैठकें की हैं और दोनों पार्टियों के बीच औपचारिक बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
पिछले चुनावों का संदर्भ
2024 के लोकसभा चुनाव में INDIA ब्लॉक के तहत कांग्रेस‑सपा गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में 80 में से 43 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में सपा को 37 और कांग्रेस को 6 सीटें मिली थीं, जो वर्तमान सीट शेयरिंग वार्ता के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क बनता है।
मुख्य बातें
- कांग्रेस ने सपा को 172 सीटों की शुरुआती लिस्ट सौंपी है।
- लिस्ट को A, B, C, D चार कैटेगरी में विभाजित किया गया है; A कैटेगरी में बदलाव नहीं, B में थोड़ा, C और D में पूरी बातचीत संभव।
- कांग्रेस का लक्ष्य भाजपा को हराना है, इसलिए वे सम्मानजनक हिस्सेदारी चाहते हैं।
- सपा जीतने की क्षमता को अधिक महत्व देता है, 50‑60 सीटें देने के पक्ष में है।
- प्रियंका गांधी वाड्रा इस प्रक्रिया की निगरानी कर रही हैं।
- 2024 लोकसभा चुनाव में गठबंधन ने 43 सीटें जीतीं, जिसमें सपा को 37 और कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं।
भविष्य में दोनों पार्टियों के बीच कई दौर की औपचारिक बातचीत होने की संभावना है, जिससे अंतिम सीट बंटवारा तय होगा। इस प्रक्रिया में किसी भी पक्ष के लिए रणनीतिक समझौते और संभावित बदलावों की संभावना बनी हुई है।




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