ट्रंप ने पुतिन के साथ बातचीत के बाद रूस से अमेरिकी बाजार में डीजल की आपूर्ति का ऐलान किया
2 मिनट में पढ़ें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ “बेहद सफल” बातचीत की और इस दौरान यह सहमति हुई कि रूस तुरंत अमेरिकी और वैश्विक बाजार में 3,00,000 टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा। यह घोषणा तब आई जब अमेरिकी कांग्रेस में रूसी तेल‑गैस के प्रमुख खरीदारों पर भारी टैरिफ लगाने की कोशिश चल रही थी।
डिज़ल आपूर्ति के विस्तृत चरण
ट्रंप के पोस्ट के अनुसार, रूसी डीजल की आपूर्ति के निम्नलिखित चरण तय हुए हैं:
- तुरंत 3,00,000 टन से अधिक डीजल की आपूर्ति।
- नवंबर महीने में अतिरिक्त 5,00,000 टन डीजल।
- नवंबर के बाद तुरंत 10,00,000 टन डीजल की आपूर्ति।
- रूस की रिफाइनरियों की स्थिति को देखते हुए, कम समय में अतिरिक्त 30,00,000 टन डीजल की आपूर्ति।
रूसी डीजल पर प्रतिबंध हटाए गए
ट्रंप‑पुतिन वार्ता के कुछ ही मिनटों बाद, अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने घोषणा की कि रूसी डीजल की बिक्री, डिलीवरी, अनलोडिंग या आयात से जुड़े सभी प्रतिबंध 7 अप्रैल 2027 को रात 12:01 बजे (ईस्टर्न डेलाइट टाइम) तक हटाए जाएंगे। यह कदम रूसी हानिकारक विदेशी गतिविधियों से जुड़े प्रतिबंध नियमों के तहत लागू था।
पृष्ठभूमि और राजनीतिक प्रभाव
विश्व स्तर पर डीजल की कीमतें यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों पर किए गए हमलों और सऊदी अरब में हूथी मिलिशिया के हमलों के कारण बढ़ी थीं, जिससे कई देशों में ईंधन की कमी देखी गई। अमेरिका भी ईंधन की ऊँची कीमतों से जूझ रहा था, और यह मुद्दा 9 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों में प्रमुख चर्चा का विषय बन गया था। ट्रंप पर राजनीतिक दबाव था कि वे ईंधन की कीमतों को घटाने के लिए कदम उठाएँ।
आपके लिए संबंधित खबरें
मुख्य बातें
- ट्रंप ने पुतिन के साथ वार्ता के बाद रूस से डीजल की आपूर्ति का ऐलान किया।
- रूस तुरंत 3,00,000 टन, नवंबर में 5,00,000 टन और उसके बाद 10,00,000 टन डीजल भेजेगा।
- रूस की रिफाइनरियों की स्थिति के आधार पर अतिरिक्त 30,00,000 टन डीजल की आपूर्ति की संभावना।
- अमेरिकी ट्रेजरी ने 7 अप्रैल 2027 तक रूसी डीजल पर लगे प्रतिबंध हटाए।
- ईंधन की कीमतों में गिरावट का आशावादी संकेत, विशेषकर मध्यावधि चुनावों से पहले।
यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में नई गतिशीलता लाने की संभावना रखती है, जबकि अमेरिकी नीति निर्माताओं को रूसी प्रतिबंधों और घरेलू ईंधन कीमतों के बीच संतुलन बनाना होगा।



टिप्पणियाँ
0