थाणे मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने LIC एजेंट के परिजनों को 30.36 लाख का मुआवजा दिया
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थाणे मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) ने अंबरनाथ में 2023 में हुई सड़क दुर्घटना में मारे गए 55 वर्षीय LIC एजेंट प्रकाश सचदेव के परिजनों को कुल 30.36 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश जारी किया। यह फैसला 30 अक्टूबर को सुनाया गया, जिसमें मृतक की वार्षिक आय का निर्धारण कर मुआवजा राशि तय की गई।
दुर्घटना की पृष्ठभूमि
26 मार्च 2023 को, अंबरनाथ में प्रकाश सचदेव की मोटरसाइकिल को एक कार ने टक्कर मार दी। टक्कर के तुरंत बाद उनकी मृत्यु हो गई। हिल लाइन पुलिस ने कार ड्राइवर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया।
MACT का फैसला
MACT के सदस्य आरवी मोहिते ने 30 अक्टूबर को सुनाए गए आदेश में कहा कि दुर्घटना पूरी तरह से कार ड्राइवर की तेज गति और लापरवाही के कारण हुई थी। इंश्योरेंस कंपनी ने दावा किया कि मृतक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर तेज गति से गाड़ी चला रहा था, जबकि कार के मालिक ने कहा कि वह मौके पर नहीं था और सचदेव ने बिना इंडिकेटर लाइट के मोड़ लिया। इन दोनों दलीलों को ट्रिब्यूनल ने खारिज कर दिया।
मुआवजा राशि का विवरण
- कुल मुआवजा: 30,36,418 रुपये
- पत्नी को: 17,36,418 रुपये (ब्याज सहित)
- बेटी को: 13,00,000 रुपये (ब्याज सहित)
राशि का निर्धारण मृतक की आयकर रिटर्न (ITR) के आधार पर उसकी वार्षिक आय को ध्यान में रखकर किया गया।
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पिछले समान मामलों का संदर्भ
MACT ने पहले भी समान मामलों में बड़े मुआवजे का आदेश दिया है। सितंबर 2023 में, पुणे मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने एक ट्यूशन टीचर के पति और दो नाबालिग बच्चों को 85.98 लाख रुपये 7% वार्षिक ब्याज के साथ देने का फैसला सुनाया था। उस मामले में भी दुर्घटना ट्रक ड्राइवर की तेज गति और लापरवाही के कारण हुई थी।
परिवार को मिला कानूनी सहारा
प्रकाश सचदेव के परिवार को इस मुआवजे से आर्थिक राहत मिली है। यह निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का एक उदाहरण है, जहाँ ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों की दलीलों की जांच कर निष्पक्ष फैसला दिया।
मुख्य बातें
- थाणे MACT ने 30.36 लाख रुपये का मुआवजा दिया।
- मृतक: 55 वर्षीय LIC एजेंट प्रकाश सचदेव, 2023 में अंबरनाथ में दुर्घटना में मारे गए।
- मुआवजा वितरण: पत्नी को 17.36 लाख, बेटी को 13 लाख रुपये (ब्याज सहित)।
- ट्रिब्यूनल ने कार ड्राइवर की लापरवाही को मुख्य कारण माना।
- पहले भी MACT ने समान मामलों में बड़े मुआवजे का आदेश दिया है।




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