तेलंगाना में ठग ने दुकानदार का UPI पिन देख कर 50,000 रुपये निकाले
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तेलंगाना के खन्नम जिले के वेंसुर में एक किताबों की दुकान पर ठगी का मामला सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने दुकानदार को किताबें खरीदने के बहाने भरोसा जीतकर उसका UPI पिन देख लिया और तीन ट्रांजैक्शन में कुल 50,000 रुपये निकाल कर फरार हो गया। पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और नागरिकों से डिजिटल लेन‑देन में सतर्क रहने की अपील की है।
घटना का क्रम
वेंसुर में स्थित एक छोटी किताबों की दुकान पर एक अजनबी आया और कई किताबें खरीदने की इच्छा जताई। दुकानदार ने ग्राहक को किताबें निकालने में मदद की। तभी ठग ने कहा, “मेरे दोस्त को एक रुपया भेज दो, वह तुरंत तुम्हें पैसे वापस भेज देगा।” दुकानदार ने इसे इमानदारी का प्रमाण समझा और UPI के माध्यम से ठग के दोस्त को एक रुपया भेज दिया।
भेजते समय ठग ने चुपके से दुकानदार के स्मार्टफोन का स्क्रीन देख लिया और UPI पिन को नोट कर लिया। इसके बाद ठग ने दुकान में और किताबें मांगीं, जबकि दुकान की पत्नी अंदर से किताबें लाने गई। इस दौरान दुकानदार अपना फोन काउंटर पर छोड़कर बगल की दुकान पर चला गया। ठग ने फोन को अपनी जेब में रख लिया और तुरंत बाहर निकल गया।
धोखाधड़ी की राशि
ठग ने चोरी किए गए फोन से तीन अलग‑अलग ट्रांजैक्शन किए और कुल 50,000 रुपये निकाल लिए। दुकानदार ने तुरंत अपने बैंक को सूचित किया, जिससे बैंक ने खाते को ब्लॉक कर दिया। ब्लॉकिंग के बाद खाते में केवल 3,000 रुपये बचे।
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पुलिस की कार्रवाई
दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों ने ठग का चेहरा रिकॉर्ड कर लिया था। पुलिस ने इस फुटेज को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया है और आरोपी की पहचान व गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अपने UPI पिन को गोपनीय रखें और अजनबियों की किसी भी बात पर तुरंत भरोसा न करें।
मुख्य बातें
- स्थल: तेलंगाना, खन्नम जिला, वेंसुर
- शिकायतकर्ता: स्थानीय किताबों की दुकान का मालिक
- धोखाधड़ी की राशि: 50,000 रुपये (तीन ट्रांजैक्शन)
- कैसे हुआ: दुकानदार का UPI पिन चुपके से देख कर फोन से निकासी
- पुलिस कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान, बैंक को खाते का ब्लॉकिंग
- पुलिस की सलाह: पिन को गोपनीय रखें, अजनबियों के साथ डिजिटल लेन‑देन में सावधानी बरतें
डिजिटल लेन‑देन में सावधानी के उपाय
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल भुगतान के समय व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर ज़ोर दिया है:
- UPI पिन को कभी भी किसी के सामने न दिखाएँ।
- किसी अजनबी को फोन या अन्य डिवाइस पर लेन‑देन करने न दें।
- लेन‑देन के बाद तुरंत स्क्रीन को बंद कर दें और पिन को छुपा कर रखें।
- यदि कोई अनजान व्यक्ति मदद माँगे तो पहचान की पुष्टि करने के बाद ही सहयोग करें।
- सभी डिजिटल लेन‑देन के बाद बैंक को सूचित करें और अनधिकृत लेन‑देन की तुरंत रिपोर्ट करें।
पुलिस की भविष्य की योजना
पुलिस ने कहा है कि वे सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल ट्रैसेबिलिटी और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी को जल्दी से जल्दी पकड़ने का प्रयास करेंगे। साथ ही, स्थानीय व्यापारियों को डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी।
डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ इस प्रकार की ठगी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। इसलिए, नागरिकों को अपने वित्तीय डेटा की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना आवश्यक है।




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