सुप्रीम कोर्ट ने चंपत राय के खिलाफ राम मंदिर दान मामले की याचिका पर सुनवाई तय की
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़ी धनराशि के दुरुपयोग और आसपास की जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक नई याचिका की सुनवाई के लिए तैयारियों की घोषणा की। यह याचिका श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खिलाफ दायर की गई है।
याचिका के मुख्य आरोप
अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा दायर इस याचिका में चंपत राय पर दो प्रमुख आरोप लगाए गए हैं:
- राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए दान का गलत इस्तेमाल, जिससे निधि का उद्देश्य भटक गया।
- मंदिर के आसपास की जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त, जिसमें करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाने का आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया है और आगे की कार्यवाही के लिए तिथि निर्धारित करने की प्रक्रिया में है। कोर्ट की सुनवाई में याचिकाकर्ता, प्रतिवादी और संबंधित पक्षों को अपने-अपने तर्क प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
प्रभाव और संभावित परिणाम
यदि कोर्ट इस याचिका में प्रस्तुत आरोपों को सिद्ध पाता है, तो चंपत राय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें वित्तीय दायित्व, संपत्ति की जप्ती या अन्य दंडात्मक उपाय शामिल हो सकते हैं। साथ ही, राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए दान की पारदर्शिता और उपयोग पर भी कड़ी निगरानी की संभावना है।
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मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने चंपत राय के खिलाफ दायर नई याचिका की सुनवाई तय की।
- याचिका में दान के गलत इस्तेमाल और भूमि खरीद-फरोख्त के आरोप हैं।
- अखिल भारत हिंदू महासभा ने याचिका दायर की।
- सुनवाई में पक्षों को अपने-अपने तर्क रखने का अवसर मिलेगा।
- सिद्ध होने पर कानूनी दंड और धन की वापसी की संभावना।




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