Skip to content
Wednesday, 30 September 2026|India
30 Sepआज की खबरें
LIVE VIDEO
🔴 BREAKING
ग्रेटर नोएडा में 25 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, वीडियो में पत्नी पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप•राहुल भट्ट ने रणवीर शौरी को मारने पर जताया अफसोस, बताया कैसे टूट गई पसली•छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में अक्टूबर‑दिसंबर तिमाही में कोई बदलाव नहीं•फ्लाईदुबई उड़ान में हाईजैकिंग प्रयास, पायलट ने किया क्रैश, यात्रियों ने किया काबू•HDFC बैंक ने V.N. श्रीवत्सन को नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया•झारखंड में 7,299 सहायक शिक्षक पदों पर बंफर भर्ती – 18 अक्टूबर से आवेदन शुरू•डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली में 56 गैर-शिक्षण पदों की भर्ती – आवेदन प्रक्रिया और पात्रता•फ्लाईदुबई के विमान ने 7500 और 7700 कोड क्यों भेजे? हाईजैक और आपात संकेतों की पूरी जानकारीग्रेटर नोएडा में 25 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, वीडियो में पत्नी पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप•राहुल भट्ट ने रणवीर शौरी को मारने पर जताया अफसोस, बताया कैसे टूट गई पसली•छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में अक्टूबर‑दिसंबर तिमाही में कोई बदलाव नहीं•फ्लाईदुबई उड़ान में हाईजैकिंग प्रयास, पायलट ने किया क्रैश, यात्रियों ने किया काबू•HDFC बैंक ने V.N. श्रीवत्सन को नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया•झारखंड में 7,299 सहायक शिक्षक पदों पर बंफर भर्ती – 18 अक्टूबर से आवेदन शुरू•डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली में 56 गैर-शिक्षण पदों की भर्ती – आवेदन प्रक्रिया और पात्रता•फ्लाईदुबई के विमान ने 7500 और 7700 कोड क्यों भेजे? हाईजैक और आपात संकेतों की पूरी जानकारी
विज्ञापन
Home » सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से अस्पतालों के शेयरों में गिरावट, दवाओं पर मार्जिन पर चर्चा
Health

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से अस्पतालों के शेयरों में गिरावट, दवाओं पर मार्जिन पर चर्चा

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 30 Sep 2026• अपडेट 30 Sep 2026• 0 views
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से अस्पतालों के शेयरों में गिरावट, दवाओं पर मार्जिन पर चर्चा
सुप्रीम कोर्ट ने कॉरपोरेट अस्पतालों की दवाओं पर अत्यधिक मुनाफे की कड़ी फटकार लगाई, जिससे अपोलो, मैक्स, फोर्टिस आदि के शेयरों में 4‑6% तक गिरावट आई। अदालत ने 16% मार्जिन के सुझाव…

सुप्रीम कोर्ट की एक सख्त टिप्पणी ने भारत के प्रमुख कॉरपोरेट अस्पतालों के शेयरों को झटका दिया। अदालत ने दवाओं पर मनमाने मुनाफे को ‘नरसंहार’ कहकर निंदा की, जिससे अपोलो हॉस्पिटल्स, मैक्स हेल्थकेयर, फोर्टिस हेल्थकेयर आदि के शेयरों में 4‑6% तक की गिरावट दर्ज हुई।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और मुख्य बिंदु

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने दवाओं की कीमतों पर सुनवाई के दौरान अस्पतालों को ‘मरीजों को लूटने’ का आरोप लगाया। कोर्ट ने विशेष रूप से कैंसर की दवा का उदाहरण दिया, जहाँ 2,700 रुपये की दवा को 27,000 रुपये में बेचा जा रहा है। इस अत्यधिक मार्जिन को अदालत ने ‘नरसंहार’ कहा।

मुख्य बातें

  • कोर्ट ने कहा कि कॉरपोरेट अस्पताल मरीजों को अपने मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए मजबूर करते हैं।
  • कैंसर की दवा का 10 गुना मार्जिन उजागर किया गया।
  • केंद्रीय सरकार से सभी दवाओं की एमआरपी पर 16% समान मार्जिन तय करने का सुझाव मांगा गया।
  • सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस सुझाव पर सहमति जताई।
  • अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।

शेयर बाजार पर तत्काल असर

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद 30 सितंबर के सुबह के कारोबार में प्रमुख अस्पतालों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। अपोलो हॉस्पिटल्स, यथार्थ हॉस्पिटल और मैक्स हेल्थकेयर के शेयर 4‑6% तक गिरे। फोर्टिस हेल्थकेयर ने 5.2% की गिरावट दर्ज की, जबकि कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (KIMS) ने 3.8% और एस्टर डीएम ने 4.2% गिरावट झेली। इस गिरावट का असर पूरे हेल्थकेयर सेक्टर पर पड़ा; निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1% और बीएसई हेल्थकेयर इंडेक्स 2% गिरकर बंद हुआ।

आर्थिक प्रभाव और विश्लेषकों की राय

मार्केट विश्लेषकों के अनुसार, दवाओं और मेडिकल उपकरणों से अस्पतालों की कुल कमाई का 20‑35% हिस्सा आता है। यदि 16% मार्जिन लागू हो जाता है, तो अपोलो, मैक्स, एस्टर डीएम, मेदांता और फोर्टिस जैसे फार्मेसी‑आधारित अस्पतालों के मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा। विशेष रूप से अपोलो का रिटेल फार्मेसी नेटवर्क बड़ा होने के कारण वह सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर, नारायण और जुपिटर जैसे क्लिनिकल‑आधारित अस्पतालों पर इसका असर कम रहने की संभावना है। हालांकि, यह अभी तक कोई अंतिम आदेश नहीं है, बल्कि एक सुझाव है।

आपके लिए संबंधित खबरें

आगे की कानूनी प्रक्रिया

अदालत ने इस मुद्दे पर आगे की सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को तय की है। इस दौरान केंद्र सरकार और संबंधित अस्पतालों से विस्तृत जवाबी दस्तावेज़ मांगे गए हैं। यदि अदालत 16% मार्जिन को अनिवार्य करती है, तो दवा की कीमतों में व्यापक परिवर्तन और अस्पतालों की व्यावसायिक रणनीति में पुनः मूल्यांकन की संभावना है।

यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
📊 POLL

खुर्जा विधानसभा: BJP से किसे मिलना चाहिए टिकट?

👇 आपकी पसंद कौन? वोट करके बताएं। यह पोल केवल जनमत जानने के उद्देश्य से है।

🔹 मीनाक्षी सिंह0% (0)
🔹 मुकेश कुमार मासूम92% (11)
🔹 विजेंद्र सिंह0% (0)
🔹 रंजना देवी8% (1)
कुल वोट: 12
यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

⌂होम🔥ब्रेकिंग▣लेटेस्ट▶वीडियो⌕खोजें