सुपौल की गुड्डी देवी ने नवरात्रि में हाथ पर कलश स्थापित कर व्रत किया, स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी
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बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली गुड्डी देवी ने नवरात्रि के नौ दिनों तक अपने दाहिने हाथ पर कलश स्थापित कर कठोर निर्जला व्रत रखा। यह व्रत उनके पिता, वासुदेव सरदार, की पैरालिसिस अटैक के बाद मां दुर्गा से मन्नत माँगने के बाद किया गया था।
व्रत का कारण और पृष्ठभूमि
परिजनों के अनुसार, कई महीनों पहले गुड्डी देवी के पिता को पैरालिसिस अटैक आया था और कई अस्पतालों में इलाज के बावजूद स्थिति में विशेष सुधार नहीं हुआ। इस कारण उन्होंने दुर्गा मंदिर में मन्नत माँगी और शपथ ली कि पिता की तबीयत में सुधार होने पर नवरात्रि के नौ दिनों तक बिना कुछ खाए, दाहिने हाथ पर कलश स्थापित कर पूजा‑अर्चना करेंगे। मन्नत के चार‑पाँच दिन बाद पिता की तबीयत में सुधार दिखा, जिससे गुड्डी देवी ने नवरात्रि के पहले दिन से त्रिवेणीगंज मेले के ग्राउंड स्थित अजगैबी काली दुर्गा मंदिर में कलश स्थापित कर व्रत शुरू किया।
स्वास्थ्य जांच में मिली चिंताजनक स्थिति
नवरात्रि के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच करने वाली मेडिकल टीम ने शुक्रवार सुबह गुड्डी देवी की भी जांच की। जांच में उनका रक्तचाप असामान्य, पल्स और हृदय गति में गड़बड़ी पाई गई। डॉक्टरों ने बताया कि वह हृदय रोग से पीड़ित हैं और व्रत के कारण नियमित दवाइयाँ लेना बंद कर दिया है। इस कारण उनकी सेहत को ‘चिंताजनक’ कहा गया और तुरंत इलाज करने की सलाह दी गई।
प्रशासनिक हस्तक्षेप
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अभिषेक कुमार और एसडीपीओ दिलीप कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों, पूजा समिति के सदस्यों और पंडितों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया। एसडीएम ने कहा कि डॉक्टरों ने महिला की स्थिति को ठीक नहीं बताया है और प्रशासन का लक्ष्य है कि आस्था बनी रहे परन्तु स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ।
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मुख्य बातें
- गुड्डी देवी ने नवरात्रि के नौ दिनों तक दाहिने हाथ पर कलश स्थापित कर निर्जला व्रत रखा।
- व्रत का कारण पिता की पैरालिसिस अटैक के बाद मां दुर्गा से मन्नत माँगना था।
- डॉक्टरों ने रक्तचाप, हृदय गति में असामान्यताएँ पाई और तुरंत इलाज की सलाह दी।
- वह व्रत तोड़ने और दवाइयाँ लेने से इनकार कर रही हैं, आस्था के कारण।
- एसडीएम अभिषेक कुमार और एसडीपीओ दिलीप कुमार ने प्रशासनिक समझौते के लिए बातचीत शुरू की।
यह मामला धार्मिक आस्था और स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही गुड्डी देवी को उनकी आस्था का सम्मान करते हुए आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।




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