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राजनीति

सुखबीर सिंह बादल ने कहा: ‘मैं कोई पंडित नहीं हूँ, NDA में शामिल होने का फैसला समय के साथ स्पष्ट होगा’

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 03 Nov 2026• अपडेट 02 Nov 2026
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सुखबीर सिंह बादल ने कहा: ‘मैं कोई पंडित नहीं हूँ, NDA में शामिल होने का फैसला समय के साथ स्पष्ट होगा’
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में NDA में शामिल होने के सवाल पर अस्पष्ट जवाब दिया, साथ ही भाजपा‑SAD गठबंधन की संभावनाओं…

पंजाब में अगले साल निर्धारित विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अपने विचार स्पष्ट किए। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “मैं कोई पंडित नहीं हूँ जो इस पर कुछ बोलूँ। आने वाले समय में आप लोगों को खुद पता लग जाएगा,” जिससे यह संकेत मिला कि NDA में शामिल होने का निर्णय अभी तक तय नहीं हुआ है।

निडर जवाब और भविष्य की संभावनाएँ

सुखबीर बादल ने भाजपा (BJP) के साथ संभावित गठबंधन पर सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन के लिए “रास्ते खुले हैं”। उन्होंने यह भी कहा कि “पंजाब के हित में सोचने वाली पार्टियों के लिए ऑप्शन खुले हैं” और विशेष रूप से आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस को छोड़कर उन पार्टियों को उल्लेख किया जो पंजाब के विकास को प्राथमिकता देती हैं।

भाजपा‑SAD गठबंधन की अटकलें

पिछले कुछ महीनों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच गठबंधन को फिर से बहाल करने की खबरें लगातार सामने आ रही थीं, परंतु अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पंजाब में NDA सरकार बनने का दावा किया था, जिससे इस गठबंधन की संभावनाएँ और अधिक चर्चा में आईं। बादल के बयान से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि वह इस दिशा में सकारात्मक हैं या नहीं, परंतु “समान विचारधारा वाले दलों” की बात से संकेत मिलता है कि भविष्य में BJP‑SAD गठबंधन संभव हो सकता है।

किसान संगठनों का समर्थन

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बादल ने बताया कि पंजाब के बड़े किसान संगठन, भारतीय किसान यूनियन (कादियां) ने SAD को आगामी विधानसभा चुनाव में समर्थन देने का ऐलान किया है। विशेषकर मांझा और दोआबा क्षेत्रों में इस संगठन का प्रभाव काफी बड़ा है। बादल ने कहा, “हमने किसानों को भरोसा दिलाया है कि SAD एक क्षेत्रीय पार्टी है और हम किसानों के मुद्दों को गंभीरता से समझते हैं।” उन्होंने किसान संगठनों से अपील की कि वे “पंजाब के हित में SAD को मजबूत करें” और सरकार बनने पर किसानों के सभी मुद्दों को सुलझाने का वादा किया।

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किसानों के मुद्दों पर SAD का रुख

सुखबीर बादल ने स्पष्ट किया कि SAD पंजाब के किसानों के मुद्दों को प्राथमिकता देगा और सरकार बनने पर इन मुद्दों को “बैठ कर सुलझाएगा”। यह बयान किसानों के बीच SAD के समर्थन को और मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

मुख्य बातें

  • सुखबीर सिंह बादल ने NDA में शामिल होने के सवाल पर “मैं कोई पंडित नहीं हूँ” कहकर अस्पष्ट जवाब दिया।
  • उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन के लिए “रास्ते खुले हैं”।
  • भाजपा‑SAD गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा जारी है, पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई।
  • भारतीय किसान यूनियन (कादियां) ने SAD को पंजाब विधानसभा चुनाव में समर्थन देने का ऐलान किया।
  • बादल ने किसानों से अपील की कि वे SAD को मजबूत करें और सरकार बनने पर किसानों के मुद्दों को सुलझाने का वादा किया।

आगे क्या हो सकता है?

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज़ी से चल रही है। यदि SAD और BJP के बीच गठबंधन आधिकारिक रूप से हो जाता है, तो यह पंजाब की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत देगा। साथ ही, किसान संगठनों का समर्थन SAD के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बन सकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ कादियां का प्रभाव अधिक है। आगामी महीनों में गठबंधन की संभावनाओं, उम्मीदवारों की घोषणा और चुनावी रणनीतियों पर अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

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