सोनीपत के मुड़लाना में मां ने तीन बच्चों के साथ आत्महत्या की, सुसाइड नोट में दर्दभरी माफी
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हरियाणा के सोनीपत जिले के मुड़लाना गांव में 38 वर्षीय रीमा ने अपने तीन छोटे बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली, जिससे चारों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस को सुसाइड नोट मिला, जिसमें रीमा ने अपने मानसिक तनाव और पति जयदीप के प्रति माफी का उल्लेख किया।
घटना का विवरण
सर्दियों की एक शाम, मुड़लाना गांव में रीमा और उसके तीन बच्चों – 11 साल की रिहाना, 7 साल की आरजू और 4 साल का दुष्यंत – के शव मिलते हैं। मृतकों की पहचान रीमा को जयदीप की पत्नी के रूप में, और बच्चों को उनके नामों से की गई। रीमा की उम्र 38 वर्ष बताई गई है।
सुसाइड नोट की सामग्री
घटना स्थल से मिली सुसाइड नोट में रीमा ने अपने मानसिक परेशानी, तनाव और परिवार में चल रही कठिनाइयों का उल्लेख किया। नोट में वह लिखती है, “जयदीप माफ कर दियो, हो सके तो मेरे पास कोई और रास्ता ना था।” साथ ही वह कहती है कि बच्चे उसके बिना जीना नहीं चाहते, इसलिए वह उन्हें अपने साथ ले गई। रीमा ने पति से अपना ख्याल रखने और आखिरी बार गले लगाने की इच्छा भी व्यक्त की। नोट में शादी के दौरान मिले गहनों को वापस लौटाने का भी उल्लेख है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर सदर गोहाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थल का सर्वेक्षण किया, सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच शुरू की। वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रीमा ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, किन परिस्थितियों ने उसे इस हद तक धकेला। पुलिस ने कहा कि मानसिक तनाव के कारणों, परिवारिक माहौल और किसी भी संभावित उत्पीड़न की जांच की जाएगी।
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मुड़लाना के पास ही फिरोजपुर बांगर गांव में एक अन्य आत्महत्या की घटना हुई। विशाल खरखौदा, जो मारुति कंपनी (विसाल खरखौदा) में काम करता था, ने खुद को चाकू मार कर आत्महत्या की। वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और पिछले 4‑5 साल से गांव में रह रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत नागरिक अस्पताल भेजा।
मुख्य बातें
- रीमा (38) ने अपने तीन बच्चों (11, 7, 4) के साथ आत्महत्या की, चारों की मौत।
- सुसाइड नोट में मानसिक तनाव, पति जयदीप के प्रति माफी और बच्चों के साथ जाने का इरादा लिखा।
- पुलिस ने स्थल पर फोरेंसिक जांच शुरू की, कारणों की विस्तृत जांच जारी।
- गांव में पहले भी एक युवक (विशाल खरखौदा) ने चाकू से आत्महत्या की, मानसिक परेशानी का उल्लेख।
- घटना ने गांव में गहरा शोक और चिंता उत्पन्न की है।
समुदाय की प्रतिक्रिया
घटना के बाद मुड़लाना गांव में मातम का माहौल है। कई ग्रामीणों ने रीमा और उसके बच्चों के लिए शोक व्यक्त किया और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता पर बल दिया। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और डॉक्टरों ने गांव में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम चलाने की बात कही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने कहा कि सुसाइड नोट की फोरेंसिक रिपोर्ट, परिवारिक पृष्ठभूमि और संभावित आर्थिक या सामाजिक दबावों की जांच के बाद ही कारण स्पष्ट होंगे। यदि कोई घरेलू हिंसा या आर्थिक संकट का संकेत मिलता है, तो संबंधित विभागों को सूचित किया जाएगा।
इस दुखद घटना ने मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को फिर से उजागर किया है, जिससे समाज में इस विषय पर खुली चर्चा और सहायता प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।




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