सिलीगुड़ी में हिंदू जागरण मंच के पोस्टर को लेकर बवाल: दुर्गा पूजा की तैयारियों में सांप्रदायिक अपील
3 मिनट में पढ़ें

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच हिंदू जागरण मंच द्वारा लगाए गए पोस्टर ने नई बहस छेड़ दी है। मंच ने पोस्टरों में लोगों से हिंदू‑स्वामित्व वाली दुकानों से बिरयानी और पूजा‑सामान खरीदने की अपील की, जिससे कई सामाजिक और राजनीतिक वर्गों में विरोध की लहर उठी।
पोस्टर अभियान की मुख्य बातें
हिंदू जागरण मंच ने सिलीगुड़ी के विभिन्न स्थानों पर लगभग एक सौ से अधिक पोस्टर लगाए। प्रत्येक पोस्टर पर प्रमुख संदेश थे:
- “हिंदू दुकानों में बिरयानी खाएं”
- “हिंदू दुकानों से पूजा का सामान खरीदें”
- कभी‑कभी “फेरीवाला कौन है? इस बारे में सोचें” जैसी अतिरिक्त अपील भी शामिल थी।
मंच ने स्पष्ट किया कि यह कोई फतवा या आधिकारिक गाइडलाइन नहीं, बल्कि एक सामाजिक अपील है। उन्होंने कहा कि यह संदेश स्थानीय अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के उद्देश्य से है।
संगठन के प्रतिनिधियों का बयान
हिंदू जागरण मंच के सदस्य अभिषेक दास ने बताया, “हमने पूरे समाज को जागरूक करने की पहल की है। यह एक सोशल मैसेज है, जिससे लोग हिंदू‑स्वामित्व वाले व्यवसायों को समर्थन दें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचे।” उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टर किसी पर राय थोपने के लिए नहीं, बल्कि विकल्प प्रदान करने के लिए हैं।
आपके लिए संबंधित खबरें
स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
सिलीगुड़ी के कई नागरिक और राजनीतिक नेता इस अभियान को अस्वीकार कर रहे हैं।
- स्थानीय निवासी संतोष रॉय ने कहा, “मुझे यकीन नहीं हो रहा कि पश्चिम बंगाल में ऐसे पोस्टर दिख सकते हैं, जहाँ केवल हिंदू‑दुकानों से मीट और बिरयानी खरीदने को कहा गया हो।”
- माकपा नेता और पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य, जो सिलीगुड़ी के पूर्व मेयर भी रहे हैं, ने पुलिस एक्शन की मांग की। उन्होंने कहा, “धर्मनिरपेक्ष, प्रजातांत्रिक देश में ऐसे पोस्टर लगाना जुर्म है। प्रशासन को न केवल पोस्टर हटाने चाहिए, बल्कि इस सांप्रदायिक प्रचार के पीछे के लोगों को गिरफ्तार भी करना चाहिए।”
राजनीतिक दलों की स्थिति
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने स्पष्ट किया कि हिंदू जागरण मंच एक स्वतंत्र संगठन है और उनकी पार्टी इस अभियान में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा, “मंच ने ऐसा करने से पहले कुछ सोचा होगा, लेकिन हम इसका हिस्सा नहीं हैं। यह व्यक्तिगत चुनाव है कि लोग किन दुकानों पर जाएंगे।”
पिछला संदर्भ
यह पहली बार नहीं है जब सिलीगुड़ी में हिंदू जागरण मंच विवाद में आया है। 2025 में, इस मंच ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के साथ मिलकर बांग्लादेश वीजा एप्लीकेशन सेंटर के बाहर एक संयुक्त आंदोलन किया था, जिसमें उन्होंने पड़ोसी देश में हिंदुओं पर अत्याचार के आरोप लगाए थे।
मुख्य बातें
- हिंदू जागरण मंच ने सिलीगुड़ी में 100 से अधिक पोस्टर लगाए, जिनमें हिंदू‑दुकानों से बिरयानी और पूजा‑सामान खरीदने की अपील की गई।
- मंच ने इसे सामाजिक अपील बताया, आधिकारिक फतवा या गाइडलाइन नहीं।
- स्थानीय नागरिक और माकपा नेता ने इसे सांप्रदायिक प्रचार कहा और पुलिस कार्रवाई की मांग की।
- केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस अभियान में शामिल नहीं है।
- सिलीगुड़ी में इस मंच का पिछला राजनीतिक सक्रियता 2025 के बांग्लादेश‑विजा आंदोलन में देखा गया।
दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच इस प्रकार का सांप्रदायिक संदेश स्थानीय सामाजिक संतुलन को चुनौती दे रहा है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन इस विवाद को कैसे संभालता है और क्या पोस्टरों को हटाने के साथ साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




टिप्पणियाँ
0