social
श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ: आचार्य अतुल कृष्ण जी महाराज ने कहा— भागवत कथा जीवन के तीनों तापों का शमन करती है
3 मिनट में पढ़ें

श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ: आचार्य अतुल कृष्ण जी महाराज ने कहा— भागवत कथा जीवन के तीनों तापों का शमन करती है खुर्जा,…
श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ: आचार्य अतुल कृष्ण जी महाराज ने कहा— भागवत कथा जीवन के तीनों तापों का शमन करती है
खुर्जा, 30 सितंबर 2026 — श्री जय शिव निष्काम सेवा मंडल (रजि.) के तत्वावधान में आयोजित 31वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में, कोठी राज नारायण नोवेल्टी रोड स्थित राज उपवन कथा मंडप में संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन गणेश वंदना के उपरांत, प्रख्यात कथा व्यास आचार्य अतुल कृष्ण जी महाराज ने अमृतवर्षा करते हुए श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा के मुख्य बिंदु एवं संदेश
- सौभाग्य से मिलती है कथा: आचार्य जी ने फरमाया कि प्रभु की कथा बड़े भाग्यशाली लोगों को ही सुनने को मिलती है। जब ईश्वर की असीम कृपा होती है, तभी व्यक्ति इसका श्रवण कर सकता है।
- मुक्ति और अमरत्व का मार्ग: भागवत कथा मुक्ति प्रदान करने वाली है। इसके रूपी अमृत को जो पी लेता है, वह अमर हो जाता है। यह वेद रूपी वृक्ष का ऐसा फल है जिसे मुख से नहीं, बल्कि कानों से पिया जाता है।
- तापों का शमन: यह पावन कथा मनुष्य के जीवन के तीनों तापों—दैहिक, दैविक और भौतिक—का पूरी तरह शमन करती है।
- कथा का ऐतिहासिक क्रम: आचार्य जी ने बताया कि भागवत कथा सर्वप्रथम नैमीशारण्य में और अंतिम कथा शुक्रताल में राजा परीक्षित को सुनाई गई थी।
पूजन एवं गरिमामयी उपस्थिति
- मुख्य यजमान: इंजीनियर गिरीश चंद्र गुप्ता ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती रमा गुप्ता के साथ व्यास पीठ का पूजन और दीप प्रज्ज्वलन किया।
- मुख्य अतिथि: मुकेश कुमार मासूम, उनकी पत्नी सीमा मासूम और पुत्र संगीत मासूम ने सहपरिवार पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
- श्रद्धालुओं का उत्साह: सैकड़ों की संख्या में उपस्थित माता, बहनों और पुरुष श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर प्रभु नाम की मस्ती में झूमकर आनंद उठाया।
आयोजन की झलकियाँ
- आयोजक आभार: मंडल के सचिव पूरन चंद शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह हम सब पर प्रभु की कृपा है कि हमें इस पावन कथा को सुनने का सौभाग्य मिला।
- कार्यक्रम की रूपरेखा: यह संगीतमयी कथा 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चलेगी। इसके उपरांत, 7 अक्टूबर को कलश वितरण और हवन-यज्ञ का आयोजन होगा। पहले दिन कलश उठाने वाली सौभाग्यशाली महिलाओं में से 21 भक्तों को टोकन निकालकर पुरस्कार भी वितरित किए गए।
- सक्रिय सहयोग: इस दौरान मंडल अध्यक्ष विनोद खुराना, राजेश गोविल, राजकुमार गुप्ता, चारू गुलाठी, कौशल गुप्ता, राजकुमार सिंह लालाजी, गणेश गुप्ता, योगेंद्र गुप्ता, नीलू जी, गगन अरोरा सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवा देकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
(विशेष रिपोर्ट: आचार्य जय भगवान शर्मा)
आपके लिए संबंधित खबरें
💬 0 टिप्पणियाँ




टिप्पणियाँ
0