SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को प्रमुख बताया
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शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सरकार प्रमुखों की परिषद की 25वीं बैठक ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में आयोजित हुई। इस मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया और सुरक्षा, कनेक्टिविटी तथा आर्थिक सहयोग को भारत की आर्थिक तरक्की के मुख्य आधार के रूप में रेखांकित किया।
वैश्विक आर्थिक माहौल और भारत का दृष्टिकोण
राजनाथ सिंह ने बताया कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चितताओं से भरा है। संघर्षों, भू‑राजनीतिक तनावों और सप्लाई‑चेन बाधाओं के कारण ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा प्रमुख चिंता बन गई है। नई तकनीकों के उदय से अर्थव्यवस्थाओं में बदलाव और नए विभाजन उत्पन्न हो रहे हैं। इन चुनौतियों के मद्देनज़र, भारत ने सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को एक‑दूसरे के पूरक मानते हुए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
सुरक्षा से निवेश को प्रोत्साहन
सुरक्षा को मजबूत करने से निवेशकों का भरोसा बढ़ता है, जिससे विदेशी एवं घरेलू पूंजी प्रवाह में वृद्धि होती है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सुरक्षा के बिना व्यापारिक गतिविधियों को स्थिरता नहीं मिल सकती।
कनेक्टिविटी से व्यापार को सुगम बनाना
बेहतर परिवहन, डिजिटल और ऊर्जा कनेक्टिविटी बाजारों को जोड़ती है, जिससे सीमा‑पार व्यापार में आसानी आती है। भारत इस दिशा में बहुपक्षीय कनेक्टिविटी पहल का समर्थन करता है, जिससे सदस्य देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम किया जा सके।
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2026‑2030 के बहुपक्षीय व्यापार एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम
बैठक में भारत ने 2026 से 2030 तक के लिए प्रस्तावित बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम की कार्ययोजना को अपनाने का समर्थन किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचना चाहिए और यह आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा करेगा। भारत ने क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को गहरा करने, व्यावहारिक साझेदारियों को सुदृढ़ करने और सदस्य देशों के बीच व्यापारिक बंधनों को कम करने पर जोर दिया।
दुशान्बे में औपचारिक स्वागत
दुशान्बे पहुंचते ही राजनाथ सिंह का ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा और विदेश मंत्रालय के एशिया‑प्रशांत प्रभाग के प्रमुख शेराली जोमोन द्वारा हवाई अड्डे पर स्वागत किया गया। इस स्वागत ने SCO की इस बैठक के महत्व को रेखांकित किया, जहाँ वैश्विक संघर्ष, व्यापारिक बाधाएँ और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दे सदस्य देशों के लिए प्रमुख हैं।
मुख्य बातें
- राजनाथ सिंह ने सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को भारत की आर्थिक तरक्की के मुख्य स्तंभ बताया।
- भारत ने 2026‑2030 के बहुपक्षीय व्यापार एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम की कार्ययोजना को समर्थन दिया।
- सुरक्षा से निवेश में भरोसा बढ़ता है, जबकि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार सुगम होता है।
- बैठक में ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने राजनाथ सिंह का स्वागत किया।
- SCO के सदस्य देशों के बीच सहयोग को ठोस नतीजों में बदलने पर भारत ने ज़ोर दिया।




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