सरायकेला थाना रेप कांड: 2 SI समेत 9 पुलिसकर्मी निलंबित, 3 गिरफ्तार, महिला आयोग से दखल की गुजारिश
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झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में सुरक्षा मांगने आई एक महिला के साथ थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर पर दुष्कर्म का आरोप लगा है। इस गंभीर घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की, जिसमें दो पुलिस निरीक्षक, एक SI और कुल नौ पुलिसकर्मियों का निलंबन शामिल है।
घटना का क्रम
पीड़िता ने 31 अक्टूबर 2026 को लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि 29 अक्टूबर की शाम लगभग 6 बजे उसके पति के साथ विवाद हुआ और उसे डर था कि पति रात में मारपीट कर सकता है। इस कारण वह घर से निकलकर पड़ोस के एक मकान में गई, जहाँ मौजूद महिला से पुलिस को फोन करने का अनुरोध किया। गम्हरिया पुलिस का PCR वाहन मौके पर पहुंचा और महिला को रात लगभग 12 बजे थाने ले जाया गया।
थाने में दुष्कर्म का आरोप
थाने में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला को बगल के कमरे में आराम करने को कहा। उसी कमरे में तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा पर दुष्कर्म करने का आरोप लगा। महिला के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच और गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सरायकेला के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। जांच के दौरान मुख्य आरोपी नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इसके बाद दो पुलिस अवर निरीक्षक, मनोज कुमार साहू और आरक्षी संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
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निलंबन की कार्रवाई
थाने में महिला की सुरक्षा न सुनिश्चित करने और ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में कुल नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। निलंबित पुलिसकर्मियों में शामिल हैं:
- पुलिस अवर निरीक्षक अजय पासवान
- पुलिस अवर निरीक्षक ललन रविदास
- सहायक अवर निरीक्षक विशु उरांव
- मुकेश कुजूर
- मुकेश रविदास
- सीताराम सिंह पाहन
- हवलदार पितांबर महतो
- बहादुर हांसदा
- आरक्षी मनोज गोराई
निलंबन के बाद सभी को पुलिस केंद्र सरायकेला वापस किया गया। जांच रिपोर्ट में इन पुलिसकर्मियों की ओर से सतर्कता और जिम्मेदारी न बरतने की बात सामने आई।
महिला आयोग की दखल की गुजारिश
इस घटना के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने महिला आयोग से दखल की गुजारिश की है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच और महिला सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। महिला आयोग की भागीदारी से आगे की कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही की उम्मीद की जा रही है।
भविष्य की कार्रवाई
वर्तमान में SIT मामले की गहन जांच कर रही है और पुलिस प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई जारी है। इस कांड ने पुलिस थानों में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य बातें
- पीड़िता ने 31 अक्टूबर 2026 को लिखित शिकायत दर्ज कराई।
- मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
- पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार साहू और आरक्षी संतोष कुमार राय भी गिरफ्तार हुए।
- थाने में 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
- महिला आयोग से दखल की गुजारिश की गई है।




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