रीवा में स्वामित्व योजना में लापरवाही पर 15 पटवारियों को निलंबित, 127 को कारण‑बताओ नोटिस
3 मिनट में पढ़ें

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्वामित्व योजना (स्वामित्व) के काम में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर 15 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया, जबकि 127 पटवारियों को कारण‑बताओ नोटिस जारी किया गया। यह कदम योजना के सर्वे, सत्यापन और अभिलेख तैयार करने के कार्य में देरी और निर्देशों के उल्लंघन को रोकने के लिए उठाया गया।
स्वामित्व योजना में पटवारियों की भूमिका
स्वामित्व योजना के तहत प्रत्येक गाँव‑गाँव में जमीन‑संपत्ति के सर्वेक्षण, सत्यापन और अभिलेख तैयार करने का काम पटवारियों को सौंपा जाता है। इन दस्तावेजों के आधार पर किसानों व जमीन‑धारकों को स्वामित्व प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं, जिससे भूमि‑संबंधी विवादों में कमी आती है। रीवा में भी इस प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करने के लिए पटवारियों को समय‑सीमा दी गई थी।
लापरवाही के मुख्य कारण
जिला प्रशासन के अनुसार, कई पटवारियों ने:
- निर्धारित समय में सर्वेक्षण एवं सत्यापन कार्य पूरा नहीं किया।
- अभिलेख तैयार करने में देरी की, जिससे दस्तावेज़ीकरण में बाधा आई।
- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं किया, जिससे कार्यप्रवाह में व्यवधान उत्पन्न हुआ।
इन कारणों से स्वामित्व योजना के लाभार्थियों को आवश्यक प्रमाणपत्र मिलने में देरी हुई, जिससे जनहित को नुकसान पहुँचा।
आपके लिए संबंधित खबरें
कलेक्टर का बड़ा एक्शन
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा, “जनहित के काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वामित्व योजना को शासन के निर्देशों के अनुसार समय पर पूरा करना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है।” उन्होंने एसडीएम को निलंबन के आदेश जारी करने और कारण‑बताओ नोटिस देने का निर्देश दिया।
निलंबित 15 पटवारियों के खिलाफ विभागीय प्रक्रिया जारी रहेगी, जबकि 127 कारण‑बताओ नोटिस प्राप्त करने वाले पटवारियों को अपने उत्तर प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। उनके उत्तरों के आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
राजस्व विभाग में प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हुई। कई अधिकारी इस कदम को योजना के समय‑सीमा को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक मान रहे हैं, जबकि कुछ ने कार्यभार में असंतुलन की ओर इशारा किया।
पूरे मध्य प्रदेश में समान स्थिति
रीवा के अलावा मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी स्वामित्व योजना के कार्य में पटवारियों और प्रशासन के बीच विवाद जारी है। कुछ जगहों पर पटवारी इस योजना के तहत निष्पादक बनने से इनकार कर रहे हैं, जिससे कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। रीवा में इस कार्रवाई को एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अन्य जिलों में भी समान कदम उठाए जा सकते हैं।
मुख्य बातें
- कलेक्टर के निर्देश पर रीवा में 15 पटवारियों को निलंबित किया गया।
- 127 पटवारियों को कारण‑बताओ नोटिस जारी किया गया।
- लापरवाही के कारण: समय पर सर्वेक्षण न करना, अभिलेख तैयार न करना, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का उल्लंघन।
- स्वामित्व योजना के तहत जमीन‑संपत्ति के सर्वे, सत्यापन और अभिलेख तैयार करने का काम पटवारियों को सौंपा जाता है।
- कलेक्टर ने कहा, “जनहित के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”
- राजस्व विभाग में इस कदम के बाद हड़कंप की स्थिति बनी है।
स्वामित्व योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए समय‑सीमा का पालन और सभी स्तरों पर सहयोग आवश्यक है। रीवा में इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन जनहित के कार्यों में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा और आवश्यक कदम उठाएगा।




टिप्पणियाँ
0